5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जम्मू कश्मीर: राज्यपाल के फैसले को कोर्ट में क्यों नहीं दे सकते चुनौती, उमर अब्दुल्ला ने बताई वजह

नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को बताया कि आखिर वे और पीडीपी राज्यपाल सत्यपाल मलिक के उस फैसले को कोर्ट में चुनौती क्यों नहीं दे सकते हैं, जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर विधानसभा को अचानक भंग करने का ऐलान सुनाया था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Chandra Prakash Chourasia

•

Updated: 22 Nov 2018, 4:02 PM IST

jk assembly dissolved

जम्मू कश्मीर: राज्यपाल के फैसले को कोर्ट में क्यों नहीं दे सकते चुनौती, उमर अब्दुल्ला ने बताई वजह

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की लगभग सभी संभावनाएं खत्म होती दिख रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कानूनी कदम नहीं उठा सकते हैं।

हमारे पास नहीं है कोई सबूत: उमर अब्दुल्ला

विधानसभा भंग होने के एक दिन बाद प्रेस कांफ्रेंस में उमर ने कहा कि पीपल्स डेमोक्रेटिव पार्टी (PDP) चीफ महबूबा की कोई मदद नहीं कर सकते हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि चूंकि पीडीपी ने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए राज्यपाल को पत्र भेजा था, नेशनल कांफ्रेंस ने नहीं इसलिए सत्यपाल मलिक के बुधवार रात के कदम को चुनौती देने का फैसला पीडीपी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर हम इस मसले को लेकर केस नहीं कर सकते हैं। हमारे पास कोई सबूत नहीं है, जिसके आधार पर ये साबित कर पाए कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हमारी बात को नजरअंदाज किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बीजेपी अध्यक्ष को आया गुस्सा, बोले- मैं प्रधानमंत्री बनना चाहूंगा

पीडीपी की नहीं कर सकते कोई मदद: नेशनल कॉन्फ्रेंस

अब्दुल्ला ने कहा कि हमने राज्यपाल को कोई पत्र नहीं भेजा। राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने का प्राथमिक निर्णय पीडीपी पर निर्भर है। मुद्दे पर मेरी बात पीडीपी से भी हुई है। अब ये पूरा मामला उन्हीं पर निर्भर करता है कि वे इसे लेकर कानूनी रुख अख्तियार करेंगी या नहीं। फिलहाल मैं इसमें कोई दस्तावेज नहीं दे पाऊंगा।

राम माधव के बयान पर भड़के अब्दुल्ला

बीजेपी महासचिव राम माधव की उस टिप्पणी पर उमर अब्दुल्ला ने कड़ी नाराजगी जताई है, जिसमें कहा गया था कि नेशनल कांफ्रेंस व पीडीपी ने शहरी स्थानीय निकाय के चुनावों का बहिष्कार पाकिस्तान के इशारे पर किया था और अब वे पाकिस्तान के निर्देश पर गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि हमें पाकिस्तान से निर्देश मिले हैं। मैं राम माधव व उनके सहयोगियों को साक्ष्य के साथ इसे साबित करने की चुनौती देता हूं।