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एनडीए में शामिल होने और बाहर निकले का फैसला राज्य के हित में लिया गया निर्णय था: चंद्रबाबू नायडू

चंद्रबाबू नायडू एनडीए में शामिल होना और फिर उन्हें छोड़कर बाहर आना दोनों राज्य की हित के लिए लिया गया फैसला था।

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आंध्र प्रेदश के सीएम मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू

एनडीए में शामिल होने और बाहर निकले का फैसला राज्य के हित में लिया गया निर्णय था: चंद्रबाबू नायडू

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग हुए तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एनडीए में शामिल होना और फिर उन्हें छोड़कर बाहर आना दोनों राज्य की हित के लिए लिया गया फैसला था। उन्होंने कहा कि यह वर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि यह चुनावी वर्ष है। उन्होंने कहा कि हमें केंद्र सरकार से सभी तरह के बकाया राशि को प्राप्त करना है। साथ ही साथ आंध्र प्रदेश को स्पेशल दर्जा नहीं मिलने के कारण काफी नुकसान झेलना पडा है, जिसके लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त राशि प्राप्त करनी है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रेदश को स्पेशल राज्य का दर्जा मिलना ही चाहिए और राज्य सरकार इसके लिए अपनी मांग उठाती रहेगी।

फरवरी में एनडीए से चंद्रबाबू नायडू हुए थे अलग

आपको बता दें कि इसी वर्ष फरवरी में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रेदश को स्पेशल राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के मुद्दे पर भाजपा से नाता तोड़ते हुए एनडीए से अलग हो गए थे। नायडू ने आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा आंध्र प्रदेश को स्पेशल राज्य का दर्जा नहीं देना चाहती है, केवल राज्य के लोगों को गुमराह कर रही है। इससे पहले फरवरी में पेश हुए आम बजट में लगातार टीडीपी नेताओं ने आंध्र प्रदेश की उपेक्षा करने का आरोप लगाए। इसके अलावे सीएम चंद्रबाबू नायडू ने एक कार्यक्रम में कहा था कि गठबंधन उनकी मजबूरी नहीं है। फरवरी में पेश हुए बजट पर सीएम ने कथित तौर पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सीधे-सीधे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने राज्य की अनदेखी क्यों की। उन्होंने कहा था कि उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा है कि बेंगलुरू, मुंबई और अहमदाबाद को विभिन्न परियोजनाओं के लिए अच्छी खासी राशि आवंटित की गई है लेकिन विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम मेट्रो रेल सहित हमारी किसी परियोजना को कुछ नहीं मिला।