
बेंगलूरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी के नेता बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को तय मुहूर्त में राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। हालांकि राजतिलक होने के बाद भी येदियुरप्पा की जद्दोजहद कम नहीं हुई है। अभी उनके सामने विधानसभा में बहुमत साबित करने की बड़ी चुनौती है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई है, जहां बीजेपी को अपने विधायकों की सूची सौंपनी है। बीजेपी की स्थिति मजबूत नहीं लग रही, क्योंकि कर्नाटक में सरकार बनाना पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कई दिग्गज शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहे। चुनावी रण से राजभवन और सुप्रीम कोर्ट तक कड़ी जद्दोजहद के बाद आखिरकार बीजेपी ने कर्नाटक को भी कांग्रेस मुक्त कर ही दिया।
Live Updates
- 15 दिनों में येदियुरप्पा को सदन में बहुमत साबित करना होगा
- बेंगलूरु से दिल्ली तक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर मनाया जश्न
- तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा
- येदियुरप्पा ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।
- येदियुरप्पा का शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ।
- राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ शपथ ग्रहण समारोह
- तय मुहूर्त पर ठीक 9 बजे शुरू हुआ शपथ ग्रहण
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हुए।
- बीजेपी नेताओं ने पीएम और अमित शाह के ना आने के पीछे दिल्ली में होने वाली संसदीय कार्यसमिति की बैठक को बताया है।
- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि बहुमत ना होने के बाद भी बीजेपी की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है। आज सुबह जब बीजेपी अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।
येदियुरप्पा का सियासी इतिहास
27 फरवरी 1943 को जन्मे बुकानकेरे सिद्दालिंगप्पा येदियुरप्पा कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष भी हैं। आपको बता दें कि 2014 के आम चुनाव में येदियुरप्पा शिमोगा से सांसद भी चुने गए थे। येदियुरप्पा इससे पहले 2007 और 2008 में भी राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। दक्षिण भारत में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री बनने वाले येदियुरप्पा सबसे पहले शख्स हैं। हालांकि इसके बाद खनन घोटाले में नाम सामने आने के बाद उन्होंने बीजेपी से अलग होना पड़ा था। येदियुरप्पा ने कर्नाटक जनता पक्ष नाम की पार्टी बनाई थी, लेकिन 2014 में उन्होंने इसका बीजेपी में विलय कर दिया।
यह है मौजूदा चुनाव में कर्नाटक की स्थिति
कर्नाटक में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। लेकिन बीजेपी ने 104 सीटें होने के बावजूद बहुमत का दावा किया है। यहां कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन के बहुमत का दावा किया था लेकिन उन्हें राज्यपाल वजुभाई वाला ने सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया। इसे लेकर कांग्रेस और जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया, लेकिन फिलहाल फैसला बीजेपी के पक्ष में रहा।
भारतीय जनता पार्टी- 104 (वोट शेयर- 36.2 फीसदी)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस- 78 (वोट शेयर- 38.0 फीसदी)
जनता दल सेक्युलर- 37 (18.2)
केपीजेपी- एक सीट
बहुजन समाज पार्टी- एक सीट
निर्दलीय- एक सीट
Published on:
17 May 2018 10:41 am
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