मैंने तो 2005 में लाठियां खाईं, फिर वंशवाद कैसे- वैभव
- आपके प्रतिद्वंदी प्रत्याशी वंशवाद का आरोप लगा रहे हैं? कह रहे हैं, प्रवासी का स्वागत है। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
वैभव- मुझे उनकी बात पर कोई कमेंट नहीं करना। अगर वंशवाद का प्रश्न है तो उसके जवाब में बता दूं कि मैं 15 साल से कांग्रेस के लिए काम कर रहा हूं। पिता ने जब 2003 में विधानसभा का चुनाव लड़ा, तब से मैं सक्रिय हूं। यूथ कांग्रेस से 2004 में जुड़ा, 2005 में मुझ पर लाठीचार्ज हुआ तो हाथ और कमर में चोट लगी थी। तब कांग्रेस की सरकार नहीं थी, मैं युवा कांग्रेस के माध्यम से काम कर रहा था। इसी शहर कांग्रेस कार्यालय में आकर 2006 में सदस्यता ली। मैं कहीं बाहर होता और फिर यहां आकर टिकट मांगता तो वंशवाद की बात होती। मैं प्रवासी नहीं हूं। मेरे पिता, दादाजी और उनके पिताजी सभी यहीं के हैं।
- जोधपुर लोकसभा क्षेत्र को लेकर आपका क्या विजन है?
वैभव- भाजपा राज में पिछले पांच साल में विकास की योजनाएं रुक गई थीं। रिफाइनरी अटका दी गई थी। अब रिफाइनरी का मुद्दा उठाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री मीटिंग ले चुके हैं। रिफाइनरी आने से जोधपुर समेत पूरे मारवाड़ को फायदा होगा। रुके हुए सभी प्रोजेक्टों को पूरा करना चाहता हूं।
- जोधपुर में आपका जिस तरह स्वागत हुआ, ऐसा ही आपके पिता का हुआ था। आप क्या कहेंगे?
वैभव- मैं उनसे तुलना नहीं कर सकता। मेरा इतना बड़ा कद नहीं है। मुझे जो समर्थन व प्यार वरिष्ठ नेताओं ने दिया है, मैं सभी का शुक्रगुजार हूं।
- इस चुनाव में आप सबसे बड़ी चुनौती क्या मानते है? आपकी रणनीति क्या रहेगी?
वैभव- हर चुनाव चुनौती होता है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा। ऐसे में हम सब संगठित होकर जनता से समर्थन की अपील करेंगे।
- जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि आप उनके नक्शे कदम पर चलेंगे, आप क्या कहेंगे?
वैभव- पिता की सीख पुत्र के लिए प्रेरणा होती है। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि उनके मार्गदर्शन व आशीर्वाद से कार्य करूं।
- आपके पिता इसी सीट से पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं, इसे आप किस रूप में देखते हैं?
वैभव- मुझे जनता के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से यदि मौका मिलता है तो विकास को निरंतर आगे बढ़ाएंगे।
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झालावाड़-बारां में मैं नहीं, हर कार्यकर्ता प्रत्याशी- दुष्यंत
- क्या प्रदेश में भाजपा का मिशन 25 पूरा होगा?
दुष्यंत- मेरा मिशन झालावाड़-बारां है। मैं इस पर खरा उतरूंगा।
- लोकसभा चुनाव में आपकी क्या रणनीति रहेगी?
दुष्यंत- यहां दुष्यंत नहीं, हर कार्यकर्ता प्रत्याशी है। वह चाहता है मोदीजी की सरकार बने, देश प्रगति करें। यहां दुष्यंत का 30 साल से परिवार जैसा रिश्ता है। मतदाता 29 अप्रेल को यही बताएगा, यही रणनीति है।
- चौथी बार पार्टी ने आपको प्रत्याशी बनाया। क्या कहना है?
दुष्यंत- चौथी बार शीर्ष नेतृत्व ने मुझ पर भरोसा किया है, यह राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश नेतृत्व, पूर्व सीएम, झालावाड़-बारां की जनता व भाजपा के कार्यकर्ताओं के प्यार की वजह से है।
- चुनाव में क्या मुद्दें रहेंगे?
दुष्यंत- किसानों को 2006 के बाद रद्द हुए अफीम के पट्टे फिर दिलवाए हैं। परवन बांध के लिए राहुल गांधी केवल पट्टी लगाकर चले गए थे, हमने पर्यावरण स्वीकृति दिलाई और 78 सौ करोड़ रुपए से बांध का काम करवाया। उद्यानिकी महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज खुलवाए, फोरलेन रोड बनवाए। रामगंजमंडी से झालरापाटन तक ट्रेन लाइन आ गई है और जल्द ही भोपाल तक ट्रेन की सुविधा होने वाली है। इससे आगे मुंबई और जबलपुर तक रेल सुविधा मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन रहा है। मुकुन्दरा अभयारण्य के विकसित होने से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, इससे इस क्षेत्र की इकोनॉमी मजबूत होगी।
- अभी तक कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इस पर क्या कहना है?
दुष्यंत- मैं अपनी पार्टी में चलता हूं, रास्ता दूर है, मैं लोगों से मिल रहा हूं। हर दिन भाजपा की जीत मुझे नजर आ रही है। अन्य पार्टी क्या कहती है, यह उनका मामला है, मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
- किसानों के क्या प्राथमिकताएं रहेगी?
दुष्यंत- 2019-20 में किसानों को और पट्टे मिले, समय पर फसलों के सही दाम मिले, वर्तमान में कांग्रेस की सरकार आने के बाद किसानों के टोकन नहीं कट रहे हैं।
- आप को लगता है मोदी लहर फिर से चलेगी?
दुष्यंत- मोदी जी ने लोगों की गरीबी दूर की है, लोगों को रहने के लिए छत (पीएम आवास) की सुविधा दी है। इसलिए मोदी सरकार फिर बनेगी
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