
महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ यात्रा की व्यवस्था को बताया कश्मीरियों के खिलाफ, राज्यपाल से करेंगी बात
नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर ( Jammu-Kashmir ) की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी सुप्रीमो ( PDP Chief ) महबूबा मुफ्ती ( mehbooba mufti ) ने इस साल एक जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा ( Amarnath yatra 2019 ) को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा है कि अमरनाथ यात्रा सालों से चली आ रही है। लेकिन दुर्भाग्य से, इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए इंतजाम कश्मीर के लोगों के खिलाफ है।
स्थानीय लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग
महबूबा मुफ्ती ( Mehbooba Mufti ) ने कहा कि यात्रा ( amarnath yatra 2019 ) के ऐसे इंतजाम स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन में बहुत परेशानी पैदा कर रहे हैं। पीडीपी सुप्रीमों ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक ( Governor Satya Pal Malik) से इसमें हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। आपको बता दें कि इससे पहले जम्मू एवं कश्मीर पीपल्स मूवमेंट ( JKPM ) के अध्यक्ष शाह फैसल ( Shah Faesal ) ने तीर्थयात्रा के कारण स्थानीय लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग की।
कर्फ्यू समाप्त करने की मांग
उन्होंने ट्वीट किया, "बीते 30 सालों में पहली बार एसएक्सआर-जेएमयू एनएच (श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग) को चुनाव के दौरान नागरिक यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। अब यात्रा के लिए फिर से बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों के आवागमन को रोकने के आदेश पर हस्ताक्षर करने वालों को याद रखना चाहिए कि एक दिन इसका हिसाब होगा। हम शिव की भूमि पर यात्रियों का स्वागत करते हैं। लेकिन यह कर्फ्यू समाप्त होना चाहिए।"
6 दिनों में 81,000 श्रद्धालुओं ने की Amarnath yatra
इस बार 6 दिनों के भीतर कम से कम 81,630 श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा ( Amarnath yatra ) कर चुके हैं, जबकि रविवार को 4,773 यात्रियों का एक और जत्था बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालु दो सुरक्षा काफिले में रवाना हुए। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार इनमें से 2,022 बालटाल आधार शिविर जा रहे हैं जबकि 2,751 पहलगाम आधार शिविर जा रहे हैं।
5 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ संपन्न Amarnath yatra 2019
एक जुलाई से शुरू हुई 45 दिवसीय अमरनाथ यात्रा ( Amarnath yatra 2019 ) 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ संपन्न होगी। क्षेत्रीय मौसम कार्यालय ने अपने पूर्वानुमान में पवित्र गुफा की ओर जाने वाले दोनों मार्गों में बादल छाने की बात कही है।
पवित्र गुफा मंदिर कश्मीर के हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर
मौसम विभाग ने सटीक मौसम पूवार्नुमान के लिए बालटाल और पहलगाम मार्गों पर विशेष मौसम पूवार्नुमान उपकरण लगाए हैं। पवित्र गुफा मंदिर कश्मीर के हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित है। यात्रा करते समय अब तक दो तीर्थयात्रियों की प्राकृतिक कारणों से मौत हो चुकी हैं।
Updated on:
8 Jul 2019, 10:53 AM IST
Published on:
8 Jul 2019, 8:45 AM IST
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