
भारतीय जनता पार्टी और उसके गठबंधन NDA को नॉर्थ ईस्ट से जोर का झटका लगा है। दरअसल मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने सोमवार को कहा कि भले ही वह केंद्र में भाजपा के पार्टनर हों लेकिन वह उनकी हर नीति मानने को मजबूर नहीं हैं। एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि उनकी राज्य सरकार और एमएनएफ पार्टी केंद्र की एनडीए सरकार से नहीं डरती है। वह किसी भी हालत में म्यांमार के शरणार्थियों को वापस नहीं भेजेंगे।
NDA के साथ लेकिन हब बात मानने को मजबूर नहीं- जोरमथांगा
राजधानी आइजोल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए CM जोरमथंगा ने कहा, “देश में राजनीतिक दल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए या कांग्रेस के नेतृत्व वाली इंडिया के नाम पर बने गठबंधन में शामिल हो रहे हैं। उनकी पार्टी एमएनएफ भले ही एनडीए की साथी है लेकिन वह उनकी हर एक नीति और उद्देश्यों से सहमत नहीं हैं। इसके साथ ही हम उनके हर फैसले को मानने के लिए मजबूर नहीं हैं।
शरणार्थियों के लिए केंद्र के फैसले को नकारा
मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने लोगों से कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हमें निर्देश दिया था कि म्यांमार के सभी शरणार्थियों को वापस उनके देश भेज दिया जाए। लेकिन हमने ऐसा करने से मना कर दिया। मैंने विधानसभा को बताया है कि हम उन्हें (म्यांमार के शरणार्थियों को) वापस नहीं भेज रहे हैं, बल्कि उन्हें अपने यहां आश्रय और खाना देंगे।
म्यांमार से फरवरी 2021 में आए थे शरणार्थी
म्यांमार में फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के कारण म्यांमार से आए लगभग 35,000 शरणार्थियों को मिजोरम पनाह दे रहा है। इसके अलावा बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाकों में सेना की कार्रवाई के कारण 1,000 से अधिक आदिवासियों को अपने गांव छोड़कर मिजोरम में बतौर शरणार्थी मिजोरम में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस बीच,मिजोरम सरकार ने गृह और आपदा प्रबंधन मंत्री लालचमलियाना की अध्यक्षता में हिंसाग्रस्त मणिपुर से विस्थापित होकर मिजोरम में आए व्यक्तियों (आईडीपी) पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
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Published on:
25 Jul 2023 04:25 pm
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