
नई दिल्ली। मुंबई की सियासी लड़ाई दिल्ली पहुंचने के बाद अब नागपुर शिफ्ट हो गया है। इसके बावजूद महाराष्ट्र में अभी तक सरकार के गठन पर सस्पेंस बना हुआ है। सरकार गठन को लेकर लगातार सियासी मंथन का दौर जारी है। इस बीच शिवसेना की ओर से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखे पत्र के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात नागपुर जाकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की।
बीजेपी-शिवसेना की बनेगी सरकार
देवेंद्र फडणवीस देर रात नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पहुंचे। डेढ़ घंटे बाद वहां से रवाना हो गए। बैठक में क्या कुछ हुआ, उस बारे में संघ के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन ये कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मुलाकात 21 अक्टूबर के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध पर चर्चा हुई है।
जानकारी के मुताबिक मोहन भागवत ने बीजेपी के नेतृत्व में सरकार गठन को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं। अब इन सुझावों पर पार्टी नेतृत्व विचार करेगी। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में सरकार बीजेपी-शिवसेना की ही बनेगी।
राज्यपाल से मिले एनसीपी और कांग्रेस के नेता
दूसरी तरफ राज्यपाल से मिलने एनसीपी और कांग्रेस के नेता राजभवन पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में एनसीपी नेता अजीत पवार, एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट, कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण सहित कई नेता शामिल थे। इन नेताओं ने राज्यपाल से सियासी संकट का बेहतर समाधान निकालने की राज्यपाल से पहल करने की मांग की।
सीएम शिवसेना से ही होगा
इससे पहले शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही होगा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है और न्याय की खातिर लड़ाई में उनकी पार्टी की ही जीत होगी। मुंबई में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र के बारे में फैसला महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा।
संजय राउत ने कहा था कि शरद पवार राज्य के अगले मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान के चलते अब तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है।
Updated on:
06 Nov 2019 03:45 pm
Published on:
06 Nov 2019 08:35 am
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