
नई दिल्ली। सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) इस मुद़दे को लेकर केजरीवाल सरकार पर हमलावर है। इतना ही नहीं शाहीन बाग को चुनावी हथियार बनाने के बाद बीजेपी आम बजट से दिल्ली की जनता को साधेग ने का काम करेगी। जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार आम बजट 2020 में लोगों को छूट का तोहफा देकर चुनावी लाभ उठाना चाहेगी।
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि बजट में दिल्ली वालों के लिए बड़ी सौगातें होंगी। अब तक सिर्फ एक रैली करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट के बाद पार्टी के लिए प्रचार करने उतरेंगे। बता दें कि पीएम मोदी की दिल्ली में अब तक सिर्फ एक रैली हुई है। बजट के बाद पीएम मोदी की दो से तीन बड़ी रैलियां होंगी। प्रधानमंत्री बजट में दिल्ली के लिए की गई घोषणाओं पर फोकस कर सकते हैं। वे नागरिकता संशोधन कानून और शाहीन बाग जैसे मुद्दे को भी उठा सकते हैं।
अब तक के चुनाव प्रचार में बीजेपी ने शाहीन बाग को राष्ट्रवाद बनाम गैर-राष्ट्रवाद में तब्दील कर दिया है। बीजेपी को लग रहा है कि शाहीन बाग मुद्दा चुनाव का टर्निग पॉइंट बन सकता है। दिल्ली में चुनावी रणनीति केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तैयार की है और इसी लाइन पर पार्टी अब आगे बढ़ रही है। शाहीन बाग में सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर 15 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। जनवरी के दूसरे सप्ताह से देश के अन्य हिस्से में भी शाहीन बाग जैसे प्रदर्शन की खबर आने लगी हैं।
दिल्ली में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रही है लेकिन अभी तक प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ एक रैली की है। मतदान आठ फरवरी को होना है। ऐसे में आखिरी फेज में पीएम मोदी की रैली करवाई जा सकती है। दिल्ली चुनाव से ऐन पहले केंद्र सरकार ने अनाधिकृत कॉलोनी को पक्का करने का फैसला किया, जिसे बीजेपी सबसे बड़ी उपलब्धि बता रही है। पीएम मोदी आने वाले दिनों में इन्हीं में किसी एक अनाधिकृत कॉलोनी में सभा कर सकते हैं।
Updated on:
29 Jan 2020 08:40 am
Published on:
29 Jan 2020 08:34 am
