
NRC को लेकर मोदी सरकार के समर्थन में उतरे AAP नेता कुमार विश्वास, 'यह देश है धर्मशाला नहीं'
नई दिल्ली। असम में एनआरसी (नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजनशिप) का अंतिम ड्राफ्ट जारी होने के बाद से ही इस मसले पर सियासत गर्म हो गई है। इस मसले पर जहां तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्ष की अधिकांश पार्टियां मोदी सरकार को निशाने पर ले रही हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने एनआरसी का विरोध करने वालों को निशाने पर लिया है। गौरतलब है कि अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों को देश से निकालने के लिए यह कवायद की जा रही है। भाजपा ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों पर वोट बैंक के लिए इसका विरोध करने का आरोप लगाया है।
'देश है धर्मशाला नहीं'
कुमार विश्वास ने भाजपा का समर्थन करते हुए कहा कि क्या वोट बैंक के लिए अवैध घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने वाले लोग सचमुच में देश के प्रतिनिधि हैं। ट्वीटर पर उन्होंने सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में घुसपैठिये देश में घुसे कैसे? अपने ट्वीट में उन्होंने यह भी लिखा कि भारतीय नागरिकता को स्वाभिमान रहने दीजिए, देश है धर्मशाला नहीं। उन्होंने कहा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि पक्ष-प्रतिपक्ष के नेता राष्ट्रीय सुरक्षा के इतने गंभीर मसले को वोटों के ध्रुवीकरण के लिए प्रयोग कर रहे हैं। देश के नागरिक होने के गौरवबोध को अपनी पार्टियों के वोट बैंक जितना तुच्छ मत बनाओ भक्तों। उन्होंने वीजा प्रक्रिया का भी जिक्र किया और कहा कि यह राजनीति की हद है।
अभी पार्टी के ही सदस्य हैं बागी कुमार
गौरतलब है कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी से लंबे समय से नाराज चल रहे हैं और पार्टी नेताओं समेत कई राजनीतिक मसलों पर उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर बात की है। राज्यसभा की सीटों पर दो बाहरी प्रतिनिधियों का नामांकन होने से नाराज कुमार ने अब तक पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है और ना ही उन्हें पार्टी से निकाला गया है।
Published on:
31 Jul 2018 06:00 pm
