6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ओडिशा: भाजपा के दो नेताओं दिलीप रे, बिजॉय महापात्रा ने छोड़ी पार्टी

2019 लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओडिशा इकाई को बड़ा झटका लगा है।
2 min read
Google source verification

image

Mohit sharma

Nov 30, 2018

news

ओडिशा: भाजपा के दो नेताओं दिलीप रे, बिजॉय महापात्रा ने छोड़ी पार्टी

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओडिशा इकाई को बड़ा झटका लगा है। यहां शुक्रवार को पार्टी के दो राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्यों दिलीप रे और बिजॉय महापात्रा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। महापात्रा और रे ने संयुक्त इस्तीफा पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजा। दोनों ने कहा कि कई नेता टिकट नहीं मिलने के डर से राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे हैं। वहीं, भाजपा की इस ओर से दोनों नेताओं के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

गंदी चालों का सहारा लिया

पत्र मे दोनों ने लिखा कि हमारे द्वारा आपके कल्याण के लिए दिए गए सुझावों को कुछ घमंडी, स्वार्थी लोगों द्वारा खतरे के आशय के रूप में समझा गया, जिन्होंने गंदी चालों का सहारा लिया और हमारे संबंधित क्षेत्रों में एक अभियान शुरू किया और हमारा उपहास करने की कोशिश की। इस्तीफे में दोनों ने लिखा कि एक आत्मसम्मानी नेता के तौर पर ओडिशा की दशकों तक सेवा करने के बाद वे पार्टी में शोपीस के तौर पर बने रहने से इनकार करते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे थे। हालांकि अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि इन दोनों नेताओं का अगल कदम क्या होगा।

राज्य का हित सर्वोपरि

दोनों ने कहा कि हमारे लिए राज्य का हित सर्वोपरि है। हमने किसी भी पद, रसूख या टिकट के लिए अपने आत्म सम्मान या राज्य के हित से कभी भी समझौता नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुप्पी किसी लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। रे जो राउरकेला विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं, उन्होंने शुक्रवार को ओडिशा विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। रे ने ट्वीट किया कि बेहद पीड़ा के साथ मैंने राज्य विधानसभा और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता को छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने स्पीकर प्रदीप अमात से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।