
राज्यसभा उपसभापति चनाव: एक बार फिर दिखेगी भाजपा और संयुक्त विपक्ष में कांटे की टक्कर
नई दिल्ली। एक बार फिर से भाजपा और संयुक्त विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव के लिए भाजपा विपक्ष को वॉकओवर देने के मूड में दिखाई नहीं दे रही है। जिस तरह से हाल के दिनों में भाजपा और विपक्ष के बीच सत्ता को लेकर जंग छिड़ी है इससे साफ जाहिर होता है कि राज्यसभा में उपसभापति के चुनाव के लिए भाजपा और संयुक्त गठबंधन के बीच एक बार फिर से कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। भाजाप ने साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी राज्यसभा के उपसभापति के लिए दावेदारी पेश करेगी। जबकि कांग्रेस भाजपा को रोेकने के लिए अन्य विपक्षी दलों के साथ गठबंधन कर संयुक्त उम्मीदवार उतारने का मन बना रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा और संयुक्त गठबंधन अपने-अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए किस तरह की राजनीति करती है।
इसी महीने समाप्त हो रहा है उपसभापति का कार्यकाल
आपको बता दें कि राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन का कार्यकाल इसी महीने के अंत में समाप्त होने जा रहा है, जबकि इस पद के लिए मॉनसून सत्र में ही चुनाव कारने की उम्मीद की जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जुलाई के मध्य में ही इसके लिए चुनाव हो सकता है। भाजपा और संयुक्त विपक्षी दल अब इस चुनाव के मद्देनजर अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा की और से भाजपा उपाध्यक्ष और राज्यसभा में पार्टी के नेता प्रसन्ना आचार्य को उपसभापति के लिए मैदान में उतारा जा सकता है। वहीं भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस की ओर से संयुक्त उम्मीदवार को उतारा जा सकता है। हालांकि अभी तक किसी के नाम पर कोई सहमति नहीं बनी है और चर्चा चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्यसभा में उपसभापति के लिए बीजू जनता दल (बीजेडी) या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अपना उम्मीदवार उतार सकती है। वर्तमान समय में बीजेडी के पास राज्यसभा में 9 और टीएमसी के पास 13 राज्यसभा सदस्य हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर की पार्टी टीआरएस के 6 राज्यसभा सदस्य हैं। इसके अलावा वाईएसआरसीपी के 2 सदस्य हैं। बताया जा रहा है कि बीजेडी अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार को अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं लेकिन फिलहाल वे अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन हासिल करने के प्रयास में जुटे हैं। तो सूत्रों के मुताबिक टीएमसी सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय के नाम पर मुहर लग सकती है।
राज्यसभा में सीटों का गणित
आपको बता दें कि राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। उपसभापति का चुनाव मॉनसून सत्र होने की उम्मीद है,जबकि इससे पहले 4 मनोनीत राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इस तरह सदन में कुल 241 सदस्य होंगे। ऐसे में राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव जीतने के लिए 122 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी। मौजूदा समय में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 105 सदस्य हैं और 6 निर्दलीय हैं जबकि उम्मीद की जा रही है कि कई अन्य सांसद भाजपा के उम्मीदवार को वोट करेंगे। दूसरी और कांग्रेस को दक्षिण की दोनों बड़ी पार्टियों से उम्मीद है और यदि बीजेडी कांग्रेस का समर्थन करती है तो कांग्रेस आसानी के साथ 122 के जादुई आंकड़े तक पहुंच जाएगी।
Published on:
05 Jun 2018 03:47 pm
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