
21 अक्टूबर को पीएम मोदी करेंगे नई परंपरा की शुरुआत, तिरंगा फहराकर सुभाष चंद्र बोस का करेंगे सम्मान
नई दिल्ली। अभी तक परंपरा यही है कि देश के पीएम साल में एक बार लाल किले के प्राचीर से तिरंगा फराहते हैं। लेकिन दो दिन बाद इस परंपरा को पीएम मोदी तोड़ने जा रहे हैं। पीएम इस बार 21 अक्टूबर को भी तिरंगा फहराएंगे। इस बात का जिक्र पीएम मोदी के फेसबुक वॉल पर एक वीडियो संदेश के जरिए दिया गया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर पीएम मोदी ऐसा क्यों करेंगे? इस बात का जवाब पीएम ने अपने वीडियो संदेश की जरिए दिया है।
75 साल पहले बोस ने मनाया था स्वतंत्रता दिवस
वीडियो संदेश में उन्होंने बताया है कि सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के लिए आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी। आजाद हिंद फौज के प्रमुख होने के नाते उन्होंने 21 अक्टूबर को ही स्वतंत्रता दिवस मनाया था। 21 अक्टूबर 2018 को इस इस ऐतिहासिक घटना के 75 साल पूरे हो रहे हैं। इसलिए पीएम मोदी ने दो दिन बाद लाल किले के प्राचीर से झंडा फहराने का फैसला लिया है।
इतिहास से जुड़े रहना जरूरी
पीएम ने वीडियो संदेश में बताया है कि अगर कोई समाज अपने इतिहास से कट जाता है, तो उसका कटी हुई पतंग की तरह पतन भी तय जो जाता है। इसलिए देश के सभी नागरिकों को अपने इतिहास से जुड़े रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हम देश के सभी महान पुरुषों का सम्मान करते हैं। ऐसे में जिसने जिसने इस देश की इतनी बड़ी सेवा की हो, वह चाहे किसी भी दल का हो, हमें उसका सम्मान करना चाहिए। आपको बता दें कि उड़ीसा के पाइक विद्रोह के 200 वर्ष पूरे होने पर इसमें शामिल रहे अमर बलिदानियों को भी पीएम ने पिछले साल याद किया था। कुछ दिन पहले सर छोटूराम की प्रतिमा के उन्होंने रोहतम में अनावरण किया था।
विरोध की नहीं करेंगे परवाह
पीएम मोदी ने कहा है कि 21 अक्टूबर को लाल किले के प्राचीर से होने वाले झंडारोहन कार्यक्रम में शामिल होने का मुझे सौभाग्य मिलेगा। अब आप पूछेंगे कि आप 21 अक्टूबर को झंडा रोहन क्यों? मैं आपको बताता हूं कि 21 अक्टूबर को सुभाष चंद्र बोस के बनाए आजाद हिंद फौज की 75वीं वर्षगांठ पूरे हो रहे है। उन्होंने कहा है कि उनके इस कदम का कुछ दल विरोध करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वह देश के लिए बलिदान देने वाले लोगों का सम्मान नहीं करेंगे।
Published on:
18 Oct 2018 12:24 pm
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