Rajasthan Political Drama : संकट में कांग्रेस सरकार, बागी विधायकों ने बढ़ाई अशोक गहलोत की धड़कन

 

  • Rajasthan में Political drama चरम पर।
  • CM Ashok Gehlot से नाराज 24 विधायकों ने मानेसर में डाला डेरा।
  • Sachin Pilot 3 दिन से दिल्ली में हैं।

By: Dhirendra

Updated: 12 Jul 2020, 10:24 AM IST

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान ( Rajasthan ) में कांग्रेस की सरकार संकट ( Congress government crisis ) में है। प्रदेश में एक बार फिर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्ताधारी कांग्रेस ( Ruling congress ) के 24 विधायक मानेसर के एक होटल में रुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( CM Ashok Gehlot ) ने प्रतिद्वंद्वी बीजेपी पर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप लगाया है। जबकि बीजेपी इसे कांग्रेस का अंदरूनी कलह बता रही है।

दरअसल, राजस्थान में प्रदेश नेतृत्व से नाराज विधायक शनिवार देर शाम दिल्ली पहुंचे हैं। यह विधायक सोमवार को कांग्रेस हाइकमान ( Congress high command ) से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक करीब 2 दर्जन विधायक दिल्ली एनसीआर ( Delhi-NCR ) पहुंच चुके हैं। आज कुछ और विधायकों दिल्ली पहुंचने वाले हैं। पार्टी के विधायक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Congress President Sonia Gandhi ) और राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) से मुलाकात कर सकते हैं।

Corona Crisis जारी रहने तक दिल्ली सरकार के सभी यूनिवर्सिटी के सारे Exam रद्द : मनीष सिसोदिया

गहलोत का भी हो सकता कमलनाथ वाला हाल

राजस्थान का नया सियासी ड्रामा ( Political Drama ) चार माह पूर्व मध्य प्रदेश के कमलनाथ सरकार गिरने जैसा है। सब कुछ करीब-करीब वैसा ही जैसा 4 महीने पहले तब कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश में हुआ था। अंदरूनी कहल की वजह से वहां पर कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिर गई थी। ऐसे में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत की धड़कनों का बढ़ना स्वाभाविक है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ताजा मामले का संबंध सिंधिया-पायलट कनेक्शन ( Scindia-Pilot Connection ) से जुड़ा भी हो सकता है।

क्या हुआ था 4 महीने पहले

मध्य प्रदेश में 4 महीने पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) ने कांग्रेस के 22 विधायकों का इस्तीफा कराकर कमलनाथ सरकार को गिरा दिया था। विधायकों को पहले गुरुग्राम और बाद में बेंगलुरू के होटल में ठहराया गया था। कमलनाथ के सामने तब युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया थे तो अब गहलोत के सामने युवा डेप्युटी सीएम सचिन पायलट हैं। पायलट 3 दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस ( Rajasthan Congress ) के 24 विधायक शनिवार रात से ही गुरुग्राम के ही मानेसर में एक बड़े होटल में रुके हुए हैं। इनमें से कई विधायकों के मोबाइल फोन स्विच्ड ऑफ हैं।

राजस्थान में सियासी समीकरण

राजस्थान विधानसभा ( Rajasthan Vidhansabha ) के कुल विधायकों की संख्या 200 है। इनमें से कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। इसके अलावा उन्हें 13 इंडिपेंडेट विधायकों का समर्थन भी हासिल है। आरएलडी के एक विधायक सुभाष गर्ग भी सरकार के साथ हैं और गहलोत कैबिनेट में मंत्री हैं। इस तरह गहलोत सरकार को 121 विधायकों का समर्थन हासिल है। दूसरी तरफ बीजेपी के 72 विधायक हैं। जबकि सत्ताधारी पार्टी के 24 नाराज विधायक गुरुग्राम स्थित मानेसर के एक होटल में ठहरे हैं। अब यही विधायक गहलोत सरकार के लिए मुसीबत बन गए हैं।

Coronavirus Crisis : प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार से कहा - चुनाव की जल्दी में जिंदगी को खतरे में मत डालिए

आरोप-प्रत्यारोप शुरू

ताजा सियासी संकट ( Political Crisis ) को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) ने बीजेपी ( BJp ) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायकों की खरीदफरोख्त कर कांग्रेस की सरकार गिराने की कोशिश में है। गहलोत का दावा है कि विधायकों को 25-25 करोड़ रुपए का लालच दिया जा रहा है। इसके उलट बीजेपी इसे कांग्रेस की आपसी खींचतान बता रही है।

एसीबी की ओर से दर्ज FIR से भी है कनेक्शन

बता दें कि शनिवार को राजस्थान एसओजी/एसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर ( FIR ) में 5 विधायकों के नाम सामने आए हैं। इनमें से 2 कांग्रेस के थे और तीन वे निर्दलीय विधायक थे जिन्होंने कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रखा था। जानकारी के मुताबिक इस प्रकरण के बाद नाराज विधायकों ( Angry legislators ) के खेमे ने कांग्रेस नेतृत्व को इसकी शिकायत करने की रणनीति बनाई है। इसमें ज्यादातर विधायक पूर्वी राजस्थान से है।

Show More
Dhirendra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned