
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलवर दौरे से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर जमकर निशाना साधा और कई गंभीर आरोप लगाए। टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री के डेयरी दौरे पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिन डेयरी चेयरमैन ने दूध में मिलावट की शिकायत उजागर की, उन्हें पद से हटा दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में चार जांचें हुईं लेकिन एक में भी दोषी नहीं पाया गया। ऐसे में मुख्यमंत्री को डेयरी जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। जूली ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की कि वे अलवर को संभाग बनाने की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि अलवर में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है और इस पर बयानबाजी की बजाय ठोस समाधान होना चाहिए।
जूली ने आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस पृष्ठभूमि से आने वाले जनप्रतिनिधियों को नाजायज तरीके से हटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार अलवर में मिलावटी दूध पर कार्रवाई हुई, लेकिन इसके बाद मंत्रियों ने डेयरी सदस्यों से जबरन इस्तीफे दिलवाए।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि अलवर के सांसद ने अब तक कौन से विकास कार्य करवाए हैं? केंद्र सरकार से अलवर के लिए क्या लेकर आए हैं, इसकी भी स्थिति स्पष्ट की जाए।
जूली ने कहा कि एसपी और कलेक्टर के घर के पीछे गौ-तस्करी हो रही है और राजस्थान में अपराध पर कोई लगाम नहीं लग रही। उन्होंने वन मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वे अलवर में सोते कर्मचारियों को जगा रहे हैं, लेकिन सवाल उठता है कि जब अलवर में यह हाल है तो बाकी जिलों की क्या स्थिति होगी?
अंत में उन्होंने कहा कि अब प्रशासन को नेताओं का डर नहीं लगता क्योंकि भूमाफिया और शराब माफिया राज्य व केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ तस्वीरें खिंचवाकर होर्डिंग और पोस्टर में दिख रहे हैं। ऐसे हालातों में प्रदेश की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
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Updated on:
19 May 2025 02:31 pm
Published on:
19 May 2025 01:36 pm
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