
Pranab Mukherjee used to cross the river to study, later became the world's best finance minister
नई दिल्ली। देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी का सोमवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। इसके साथ ही भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। बेहद शालीन और बुद्धिमान शख्सियत के धनी डॉ. मुखर्जी के बारे में यों तो तमाम कहानियां प्रसिद्ध हैं, लेकिन उनके बचपन की एक ऐसी हकीकत है जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। बचपन में डॉ. मुखर्जी को अपने स्कूल जाने के लिए नदी को पार करना पड़ता था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जब प्रणब मुखर्जी छोटे थे, तो वह पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मिराठी गांव स्थित स्कूल में पढ़ते थे। यहां जाने के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती थी। उस वक्त आलम यह था कि बरसात के मौसम में वह अपने साथ एक गमछा रखते थे और बारिश से भरे खेतों को पार करने के बाद सात किलोमीटर दूर स्कूल पहुंचते थे और फिर कपड़े बदलते थे।
अपनी पढ़ाई के लिए इतनी मेहनत करने वाले प्रणब मुखर्जी आगे चलकर बेहद मशहूर राजनीतिज्ञ बने और उन्हें हर दल के लोग उतना ही प्रेम करते थे और सम्मान देते थे। भारत के शीर्ष पद तक पहुंचने के बारे में शायद ही कभी सोचने वाले प्रणब को राजनीतिक गणित के चलते यह पद स्वीकार करना पड़ा।
लंबे राजनीतिक जीवन वाले प्रणब दा ने ऐजॉय मुखर्जी की बांग्ला कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और वर्ष 1969 में वह बांग्ला कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में राज्यसभा के सदस्य बने। 1969 में इंदिरा गांधी ने एक दिन देर शाम लगभग खाली राज्यसभा प्रणब मुखर्जी का भाषण सुना। मुखर्जी ने तमाम उदाहरण-तर्क पेश करते हुए बैंकों के राष्ट्रीयकरण की आवश्यकता बताई। मुखर्जी के शानदार भाषण को सुनकर इंदिरा गांधी हैरान भी हुईं और प्रभावित भी।
तब से ही इंदिरा गांधी की नजरों में प्रणब आ गए थे। कांग्रेस के साथ बांग्ला कांग्रेस के विलय के बाद वह इंदिरा गांधी के काफी करीबी बन गए। पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के दौर में प्रणब मुखर्जी कांग्रेस पार्टी में सर्वव्यापी रहे। वह 1982 से 1984 और फिर 2009 से 2012 तक यानी दो बार केंद्र सरकार में वित्त मंत्री रहे।
बतौर वित्त मंत्री अपने पहले कार्यकाल में टैक्स सुधारों को अमलीजामा पहनाने वाले प्रणब मुखर्जी को यूरो मैग्जीन द्वारा वर्ष 1984 में विश्व का सबसे अच्छा वित्त मंत्री बताया गया।
Updated on:
01 Sept 2020 07:34 am
Published on:
31 Aug 2020 10:19 pm
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