
पंजाब: आप विधायक अमन अरोड़ा ने कराया डोप टेस्ट, सीएम अमरिंदर सिंह को दी चुनौति
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक आदेश के बाद गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमन अरोड़ा ने मोहाली के एक सरकारी अस्पताल में मादक पदार्थ सेवन का परीक्षण (डोप टेस्ट) कराया। बता दें कि सीएम अमरिंदर सिंह ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य करने के आदेश जारी किए हैं जिसमें पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। अमरिंदर सिंह के इस कदम का कांग्रेस पार्टी ने स्वागत किया है।
कांग्रेस ने किया स्वागत
आपको बता दें कि काग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा पंजाब सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के भर्ती/पदोन्नति के लिए प्रस्तावित डोप टेस्ट एक स्वागत योग्य कदम है। इसे राज्य के सभी सांसदों व विधायकों के लिए भी अनिवार्य किया जाना चाहिए।" आगे उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर उठाया गया यह कदम न सिर्फ एक उदाहरण स्थापित करेगा बल्कि सरकारी सेवकों के दो वर्गों के बीच अनुचित वर्गीकरण को भी हटाएगा।
आप विधायक ने सीएम अमरिंदर सिंह को दी चुनौती
आपको बता दें कि आप विधायक अमन अरोड़ा ने एक मिसाल कायम करने के बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को चुनौती दी है और मांग की है कि सीएम खुद डोप टेस्ट करवाएं, साथ हीं अपने कैबिनेट सदस्यों व सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायकों का कराएं। उन्होंने कहा कि मैं पंचायत सदस्यों से लेकर मुख्यमंत्री तक, सभी से डोप टेस्ट से गुजरने की अपील करता हूं। डोप टेस्ट कराने के बाद अरोड़ा ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को डोप टेस्ट जैसी नैतिक चुनौतियों से गुजरना पड़ा है। उन्होंने सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए कहा है कि मादक पदार्थ माफिया व पुलिस अधिकारियों व राजनेताओं का बड़ा गठजोड़ है। पंजाब सरकार पर आरोप लगाते हुए आप विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जब कांग्रेस वोट मांग रही थी तो अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब को अपने हाथों में लिया था और पंजाब में सत्ता में आने के चार हफ्ते के भीतर मादक पदार्थ माफिया व मादक पदार्थ को खत्म करने की शपथ ली थी। लेकिन एक वर्ष गुजर जाने के बाद भी मादक पदार्थों पर लगाम लगाने में सरकार नकाम रही है।
पंजाब सरकार ने डोप टेस्ट के दिए थे आदेश
आपको बता दें कि पंजाब में युवाओं के बीच मादक पदार्थों की लत बुरी तरह फैली है। इस बात को लेकर सरकार ने एक फैसला लेते हुए डोप टेस्ट कराने के आदेश दिए थे। बता दें कि मुख्यमंत्री ने भर्ती और पदोन्नति के साथ-साथ कुछ कर्मचारियों के उनकी ड्यूटी की प्रकृति के अनुसार वार्षिक चिकित्सा जांच के सभी मामलों में मादक पदार्थो की जांच करने का आदेश दिया है। सरकार ने कहा था कि पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में पदोन्नति के साथ-साथ सभी भर्ती में डोप टेस्ट को अनिवार्य किया जाएगा।
Published on:
05 Jul 2018 08:22 pm
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