
Raghav Chadha befitting reply to Goa power minister, debate all set
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार द्वारा तीनों नए कृषि कानूनों को लागू कर दिए गया हैं। आप के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने इस मुद्दे पर बुधवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि पंजाब में नए कृषि कानून के हिसाब से फसल की खरीद-फरोख्त हो रही है। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने पंजाब के किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है और कांग्रेस का असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है। चड्ढा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और भारतीय जनता पार्टी आपम में मिले हुए हैं। आम आदमी पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मांग करती है।
आप ने पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार की ओर से किसान विरोधी तीनों काले कानूनों को लागू किए जाने का दावा किया है। इसको लेकर पंजाब के सह प्रभारी राघव चड्ढा ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कहा कि नए साल की शुरुआत में ही कांग्रेस पार्टी ने किसानों को एक बहुत बड़ा धोखा दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीएम अमरिंदर सिंह ने पंजाब के किसानों के साथ बहुत बड़ी गद्दारी की है। कांग्रेस पार्टी लगातार कृषि विरोधी तीनों कानूनों का विरोध करती है और राहुल गांधी लगातार ट्वीट करते हैं।
चड्ढा ने दावा किया है कि पंजाब के कांग्रेस के मंत्री भारत भूषण आशु ने प्रेस कांफ्रेस में कहा है कि पंजाब में कांग्रेस सरकार ने यह तीनों कानून लागू कर दिए हैं। पिछले कई महीनों से पंजाब में फसल की खरीद-फरोख्त इन्हीं तीनों कानूनों के अंतर्गत हो रही है। पंजाब के बाहर का कोई भी किसान अब पंजाब में आकर अपनी फसल बेच सकता है और एमएसपी-मंडी नाम की कोई चीज प्रदेश में नहीं बची है।
राघव चड्ढा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले महीनों में किसान विरोधी बिल का विरोध करना शुरू किया था और पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कहा कि तीनों काले कानूनों को पंजाब में लागू होने से रोक दिया गया है। अब तीनों कानून उनके प्रदेश में लागू नहीं हो सकेंगे। लेकिन अमरिंदर ने प्रदेश के लोगों से झूठ बोला।
आप विधायक ने कहा कि सच यह है कि कैप्टन ने यह तीनों काले कानून पंजाब में लागू कर दिए हैं और इस गद्दारी को देखते हुए पंजाब का हर बच्चा अपने हाथ पर यह लिखवाने के लिए तैयार है कि उनका मुख्यमंत्री धोखेबाज है।
उन्होंने आगे कहा कि सिंघु बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर पर 50 से ज्यादा किसान शहीद हुए हैं। उनके परिजन मुख्यमंत्री सिंह से पूछते हैं कि उन्होंने यह गद्दारी क्यों की। इसलिए आप की तरफ से कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनके इस्तीफे की मांग की जाती है।
चड्ढा ने कहा कि इस हरकत के साथ ही कांग्रेस और कैप्टन की असलियत जनता के सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि पहले हम कहते थे कि कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा से मिले हुए हैं, लेकिन अब हम सबूतों के साथ इस बात को कह सकते हैं कि कैप्टन भाजपा से मिले हुए हैं।
उन्होंने बताया कि जून और अगस्त 2020 में एक बैटक हुई थी जिसमें इन तीनों काले कानूनों का ड्राफ्ट बनाया गया था। उस बैठक में भी कैप्टन मौजूद थे। जब से आंदोलन शुरू हुआ है पंजाब के मुख्यमंत्री एक बार भी किसानों से मिलने के लिए नहीं गए। मुख्यमंत्री दिल्ली आकर गृह मंत्री अमित शाह से मिलते हैं लेकिन कुछ किलोमीटर दूर बॉर्डर पर बैठे किसानों से मिलने के लिए नहीं जाते हैं।
Updated on:
06 Jan 2021 10:34 pm
Published on:
06 Jan 2021 10:24 pm
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