राहुल गांधी बोले- माल्‍या और जेटली की मुलाकात के गवाह हैं पुनिया, वित्त मंत्री इस्‍तीफा दें

शराब कारोबारी विजय माल्‍या को मोदी सरकार ने देश से बाहर भागने का मौका दिया।

Dhirendra Kumar Mishra

September, 1304:09 PM

राजनीति

नई दिल्‍ली। बुधवार को विजय माल्‍या का बयान आने के बाद से देश में सियासी राजनीति चरम पर है। लेकिन गुरुवार को राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस मामले में भूचाल ला दिया है। उन्‍होंने विजय माल्‍या और अरुण जेटली की मुलाकात का सबूत मीडिया के सामने गुरुवार को पेश कर सबको चौंका दिया। उन्‍होंने कहा कि पी एल पुनिया हमारे गवाह हैं। अब वित्त मंत्री को इस्‍तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्‍होंने ये बात भी कही कि जेटली इस मामले में पूरी तरह से झूठ बोल रहे हैं।

सीबीआई को भागने की सूचना क्‍यों नहीं दी?
कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि वित्त मंत्री जेटली ने बुधवार को माल्‍या का बयान आने के बाद कहा था कि संसद के केंद्रीय कक्ष में माल्‍या उनके पीछे आ रहे थे। सामने आने पर मिले और चले गए। ये सब झूठ है। उन्‍होंने मीडिया को बताया कि जेटली ने संसदीय कक्ष में एक भगोड़े से बात किया था। उस मुलाकात के दिन भगोड़ा वित्त मंत्री से कहता है मैं लंदन जाने वाला हूं। मैं जेटली जी से पूछता हूं कि एक भगोड़ो ने उन्‍हें बताया कि मै जाने वाला हूं तो उन्‍होंने सीबीआई, पुलिस व अन्‍य जांच एजेंसियों को इस बात की सूचना क्‍यों नहीं दी। उन्‍होंने विजय माल्‍या को भागने का मौका दिया। इसलिए जेटली जी हमें बताएं कि वो अपनी मर्जी से माल्‍या से मिले या फिर उन्‍हें मिलने के लिए ऊपर से आदेश दिया गया था।

एक मार्च, 2016 को हुई मुलाकात
इसी प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के नेता और अहम गवाह पीएल पुनिया ने कहा कि जेटली जी की ये बात गलत है कि वे माल्‍या से केंद्रीय कक्ष में संयोग से मिले थे। उन्‍होंने कहा कि दोनों की मीटिंग बैठकर हुई थी। मीटिंग 2016 के बजट पेश होने के अगले दिन एक मार्च को हुई थी। दोनों ने आपस में करीब से गुफ्तगू की। दोनों के बीच बातचीत काफी देर तक चली। ये बात एक मार्च की है। तीन मार्च को खबर मिली कि विजय माल्‍या देश बाहर चले गए। इस खबर को सुनकर मैं विस्मित हो गया। मेरे मन में ख्‍याल आया कि एक मार्च को ही माल्‍या जी की जेटली से मुलाकात हुई है। इस बीच ऐसा क्‍या हो गया कि वो देश से फरार हो गए। उन्‍होंने कहा कि उसके बाद जितने मीडिया डिबेट्स में, मैं भाग लिया सभी में इस बात का जिक्र करता रहा कि एक मार्च को जेटली और माल्‍या की मुलाकात हुई है। लेकिन वित्त मंत्री ने एक बार भी इस बात को स्‍वीकार नहीं किया।

ढ़ाई साल तक साधा चुप्‍पी
संसद में बहस के दौरान इस मुद्दे पर उन्‍होंने कई बार बयान दिया। इसके बावजूद उन्‍होंने ढ़ाई साल तक मुलाकात की बात को छुपाए रखा। उन्‍होंने कहा कि उनकी मुलाकात पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। इस बात की वो जांच करा लें। मैं उनकों चुनौती देता हूं कि मेरी बात को वो गलत साबित करें। अगर मेरी बात गलत साबित हुई तो मैं इस्‍तीफा दे दूंगा नहीं तो जेटली जी राजनीति छोड़ दें।

अरुण जेटली पर राहुल गांधी के 10 बड़े हमले...
1. वित्त मंत्री जेटली लंबे ब्लॉग लिखते हैं, लेकिन माल्‍या से मुलाकात के बारे में कुछ नहीं लिखते। वह झूठ बोल रहे हैं। हमारे साथी पीएल पुनिया ने उन्हें मुलाकात करते हुए देखा था।

2. जेटली मेरे दो सवालों का जवाब दें। पहला वित्त मंत्री भगोड़े से बात करते हैं और वह उनसे लंदन जाने के बारे में बताता है, लेकिन माल्या के बारे में वित्त मंत्री ने किसी एजेंसी को क्यों नहीं बताया?

3. दूसरा सवाल यह है कि सीबीआई पर दबाव डालकर रेस्ट्रेंड नोटिस को इन्फॉर्म्ड नोटिस में किसने बदलवाया? ऐसा उन्‍होंने क्‍यों किया? उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री की मिलीभगत है। वित्त मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

4. लुकआउट नोटिस को सिर्फ वित्त मंत्री और पीएम ही बदलवा सकते हैं। तो क्‍या वित्त मंत्री ने विजय माल्या को भागने दिया?

5. कांग्रेस अध्यक्ष ने पूछा कि वित्त मंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने अपराधी के साथ मिलीभगत क्यों की? जेटली ने माल्या को खुद के स्तर पर भागने देने का मौका दिया या मोदी जी कहने पर ऐसा किया?

6. राहुल गांधी अपने साथ साथी नेता पीएल पुनिया का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने जेटली और माल्या को संसद के केंद्रीय कक्ष में मिलते हुए देखा था।

7. पुनिया ने कहा कि जब मैंने दो दिन के बाद ही पढ़ा कि माल्या रवाना हो गए हैं, तो मैं हैरान था। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संसद की सीसीटीवी फुटेज की जांच होनी चाहिए। अपने आप सीसीटीवी में कैद सच्चाई सामने आ जाएगी।

8. पुनिया ने मीडिया को बताया कि बजट पेश होने के अगले दिन एक मार्च को अरुण जेटली और विजय माल्या बात कर रहे थे। उनकी बातचीत 15-20 मिनट तक चली। पहले दोनों खड़े होकर बात कर रहे थे और उसके बाद दोनों वहीं सेंट्रल हॉल में बैठकर बात करने लगे।

9. राहुल गांधी ने कहा कि माल्या की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और पीएम को तत्काल इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। राहुल ने कहा कि जांच पूरी होने तक अरुण जेटली को वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए।

10. राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट कर माल्या के बयान के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली का इस्तीफा मांगा था। पीएम मोदी से स्‍वतंत्र जांच की मांग की थी।

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