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तेलंगाना 2018: राहुल ने कहा- पहले KCR और उसके बाद पीएम मोदी को दिल्‍ली से बाहर का रास्‍ता दिखाऊंगा

तेलंगाना की कीमत पर अपने परिवार के लोगों को मालदार बनाने काम किया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव जीती तो प्रदेश का हर क्षेत्र में विकास होगा।
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Dhirendra Kumar Mishra

Nov 30, 2018

rahul

तेलंगाना 2018: राहुल ने कहा- पहले KCR और उसके बाद पीएम मोदी को दिल्‍ली से बाहर का रास्‍ता दिखाऊंगा

नई दिल्‍ली। राहुल गांधी ने तेलंगाना में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश से तेलंगाना राष्‍ट्र समिति को सत्‍ता दे बेदखल करना उनका पहला मकसद है। उन्‍होंने सीएम के चंद्रशेखर राव को खाओ कमिशन राव के नाम से संबोधित करते हुए उनपर तंज कसा। उन्‍होंने कहा कि तेलंगाना में भ्रष्‍टाचार चरम पर है। KCR ने 2014 के चुनावी वादों को पूरा न कर प्रदेश की जनता के साथ धोखा किया है। उन्‍होंने सीएम का अपने भाषण के दौरान मजाक भी उड़ाया। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चंद्रशेखर राव कमिशन खाओ राव हैं। उन्‍होंने तेलंगाना की कीमत पर अपने परिवार के लोगों को मालदार बनाने काम किया। उन्हें तेलंगाना को तबाह कर दिया। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव जीते तो प्रदेश का हर क्षेत्र में विकास होगा।

तेलंगाना को बनाया कर्जदार
उन्‍होंने कहा कि KCR पीएम नरेंद्र मोदी की तरह क्रोनी कैपिटलिज्‍म को बढ़ावा देने में लगे हैा उन्‍हीं की राह पर चलते हुए प्रदेश के आदिवासियों और किसानों के अधिकारों और सुरक्षा को पूरी तरह से नकार दिया। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का पहला लक्ष्‍य राज्य में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के बेदखल करना है। उसके बाद मिशन 2019 के तहत दिल्ली में मोदी के राज का उखाड़ फेंकना है। उन्‍होंने केसीआर पर आरोप लगाया कि उन्‍होंने मोदी और भाजपा-आरएसएस के सभी काम और नीतियों का खुलकर समर्थन किया है। निजामाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि केसीआर का पिछले साढ़े चार साल के केवल एक काम किया है। उन्‍होंने कांग्रेस की योजनाओं का नाम बदला है। इसके अलावा उन्‍होंने केवल अपने परिवार के लोगों को को मालदार बनाया है। इसका परिणाम यह हुआ कि उचित मुआवजे के बिना ही उद्योगपतियों के लिए आदिवासियों के जमीनों का अधिग्रहण किया गया। आदिवासियों के पास जमीन और जंगल होने के बावजूद वो प्रदेश में असुरक्षित हैं। उन्‍होंने कहा कि जब चार पहले तेलंगाना अलग राज्‍य बना तो इसके पास 17,000 करोड़ रुपए सरप्‍लस था। लेकिन आज प्रदेश के लोग 2.5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज तले दबे हैं।