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त्रिकोणात्मक हुआ बिहार का सियासी मैदान, रालोसपा ने नीतीश कुमार को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात

रालोसपा ने चुनाव से पहले नीतीश कुमार को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात।

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त्रिकोणात्मक हुआ बिहार का सियासी मैदान, रालोसपा ने नीतीश कुमार को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात

नई दिल्ली। बिहार में इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है। खासकर, एनडीए में सबसे ज्यादा सियासी भूचाल आया हुआ है। भाजपा के सभी सहयोगी दल बर्चस्व की लड़ाई में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में रालोसपा ने अलग नया राग छेड़ दिया है। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी यानी रालोसपा का कहना है कि उन्हें एनडीए से कोई दिक्कत नहीं है। रालोसपा चाहती है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए नीतीश को नहीं बल्कि उनके नेता उपेंद्र कुशवाहा को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर पेश करें।

उपेन्द्र कुशवाह को बनाए मुख्यमंत्री का चेहरा- रालोसपा

इतना ही नहीं रालोसपा का कहना है कि 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही राज्य में लड़ा जाए। जबकि इससे पहले जदयू ने मांग की थी कि बिहार में एनडीए लोकसभा चुनाव नीतीश कुमार के चेहरे को आगे करके चुनाव लड़े। एक वेबसाइट को रालोसपा उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने बताया कि उन्हें एनडीए पसंद है, लेकिन नीतीश कुमार नहीं। जितेंद्र नाथ ने कहा कि ऐसा करने से एनडीए गठबंधन को लोकसभा और बिहार विधानसभा चुनाव में काफी फायदा मिलेगा। रालोसपा की यह भी मांग है कि उन्हें लोकसभा चुनाव में जदयू से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। रालोसपा का यह भी कहना है कि पिछले कुछ सालों में नीतीश कुमार का वोट बैंक जिसमें 11 फीसदी कुशवाहा, 4 फीसदी कुर्मी और 10 फीसदी धानुक समाज है। मौजूदा समय से ये तीनों समाज नीतीश कुमार से खफा हैं और उपेंद्र कुशवाहा में अपना भविष्य देखते हैं।

बिहार की राजनीति में नया उबाल

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने दो दिन पहले ही कहा था कि 1 महीने के अंदर अमित शाह सीटों के तालमेल का फार्मूला गठबंधन के अन्य घटक दलों के साथ साझा करेंगे, जिसके बाद इस मुद्दे पर किसी तरह का फैसला लिया जाएगा। अब देखना यह है कि रालोसपा की यह मांग लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में क्या रंग लाती है।

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