
शिवसेना लीडर संजय राउत ने देश में सांप्रदायिक हिंसा के प्रकोप पर पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
देश के कई राज्यों में रामनवमी एवं उसके बाद हनुमान जयंती के अवसर पर हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। विपक्षी पार्टियों के कई नेता जहां मोदी सरकार पर हमले बोल रहे हैं वहीं सरकार की तरफ की तरफ से भी पलटवार किया जा रहा है। पहले राम नवमी और बाद में हनुमान जयंती के अवसर पर भी देश के कई हिस्सों में हिंसा और सांप्रदायिक तनाव की खबरें आई। खरगौन, करौली और बाद में दिल्ली के जहांगीरपुरी में दो समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। अब इस मुद्दे को लेकर राजनीति तेज हो गई है।
शिवसेना के नेता संजय राउत ने दिल्ली हिंसा को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, "देश की हालत और माहौल राजनीतिक फायदे के लिए खराब करने जा रहे हो। यह देश के लिए ठीक नहीं है। इससे पहले कभी भी राम नवमी और हनुमान जयंती के जुलूस पर हमला नहीं हुआ है। जुलूस निकालना लोगों का हक है। यह हमले प्रायोजित हैं। राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा किया जा रहा है।"
राउत ने कहा कि रामनवमी के दिन जिन दस राज्यों में दंगे हुए, वहां जल्द ही विधानसभा चुनाव होनेवाले हैं। इनमें झारखंड, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। रामनवमी के उपलक्ष्य में शोभा यात्रा निकाली गई और उस पर दूसरे समूहों द्वारा पथराव किया गया। मुंबई के मानखुर्द इलाके में भी इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि, "जनता को भटकाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक नहीं चलेगा, राम मंदिर भी नहीं चलेगा। इस समय देश में शांति भंग करने का काम चल रहा है। कल महाराष्ट्र में भी शांति भंग करने की कोशिश की गई है। हालांकि महाराष्ट्र में ऐसा करने वालों को सफलता नहीं मिली।"
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इसके बाद संजय राउत ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा, "देश में माहौल बिगड़ रहा है. इस लेकर देश के 13 दलों ने चिंता जाहिर की है, लेकिन प्रधानंत्री इस पर मौन हैं। उन्होंने अभी तक इस पर कुछ भी नहीं कहा है। देश के प्रधानमंत्री को भी इस पर कुछ बोलना चाहिए। उन्हें लोगों के सामने आकर इस पर भी मन की बात बोलनी चाहिए।"
संजय राउत से जब पूछा गया कि आपने राज ठाकरे को हिंदू ओवैसी कहा? तो उन्होंने कहा कि मैंने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन यूपी चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने जो AIMIM के ओवैसी से काम कराया वही अब महाराष्ट्र में नए हिंदू ओवैसी से करवा रहे हैं।
अपने बयान में संजय रावत ने कहा कि देश का माहौल जानबूझकर चुनाव जीतने के लिए जिस तरह से खराब किया जा रहा है, मुझे लगता है यह देश के लिए ठीक नहीं है। दिल्ली में कल हनुमान जयंती और रामनवमी पर हमला हुआ था इससे पहले यह कभी नहीं हुआ करता था।
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Published on:
17 Apr 2022, 3:36 PM IST
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