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‘एक देश एक चुनाव’ के विचार से सहमत नहीं टीएमसी, सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया अव्यवाहिरक और असंवैधानिक

विधि आयोग ने आज सियासी दलों की बैठक बुलाई है।

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'एक देश एक चुनाव' के विचार से सहमत नहीं टीएमसी, सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया अव्यवाहिरक और असंवैधानिक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विचार एक देश एक चुनाव पर तृणमूल कांग्रेस ने निशाना साधते हुए इसे अव्यवाहिरक और असंवैधानिक बताया है। शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का विचार अव्यवहारिक और असंवैधानिक है। बनर्जी ने कहा, "संविधान के बुनियादी ढांचे को बदला नहीं जा सकता। हम एक साथ चुनाव कराने के विचार के खिलाफ हैं, क्योंकि यह संविधान के खिलाफ है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।" बता दें कि विधि आयोग ने दो दिवसीय बैठक बुलाई है। जो शनिवार (7 जुलाई) से शुरू हो रही है। कल्याण बनर्जी विधि आयोग के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे।


बहुमत खोने पर क्या फिर होंगे चुनाव?
कल्याण बनर्जी ने कहा, "मान लीजिए कि 2019 में केंद्र और सभी राज्यों में एक साथ चुनाव होते हैं। अगर केंद्र में एक गठबंधन की सरकार बनती है और वह बहुमत खो देती है तो केंद्र के साथ-साथ सभी राज्यों में फिर से चुनाव कराने होंगे।" उन्हें इस विचार को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि, "यह अव्यवहारिक, असंभव और संविधान के प्रतिकूल है। लोकतंत्र और सरकार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वित्तीय मुद्दा कम महत्व का है, पहली प्राथमिकता संविधान और लोकतंत्र है। संविधान को बरकरार रखा जाना चाहिए।"

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भाजपा पर साधा निशाना
तृणमूल नेता ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि उसके नेता सिर्फ बात करते हैं और कोई काम नहीं करते। साथ ही उन्होंने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भी कोई योगदान नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "आंबेडकर समेत संविधान लिखने वाले लोग पंडित थे। हम उनकी तुलना में कुछ भी नहीं जानते। उन्होंने कभी 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के बारे में बात नहीं की। उन्होंने हमें संघीय संरचना दी। केंद्र सरकार राज्यों की तुलना में प्रधान नहीं है।" उन्होंने ये भी कहा कि यह जरूरी नहीं है कि जो भी प्रधानमंत्री मांग करें, राज्य उसे पूरा करें। बनर्जी ने पीएम मोदी पर वादाखिलाफी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि , "प्रधानमंत्री अपने वादे पूरे नहीं करते। पहले उनसे सभी को 15 लाख रुपये देने के लिए कहें, जैसा उन्होंने 2014 में सत्ता में आने से पहले अपने चुनाव अभियान में वादा किया था।" आप को यहां बता दें कि हाल ही में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि, " एक देश एक चुनाव से जनता को फायदा होगा"।

विधि आयोग ने बुलाई बैठक

विधि आयोग ने बुलाई बैठक देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के संबंध में विधि आयोग ने सभी सियासी दलों की बैठक 7 और 8 जुलाई को बुलाई है। आयोग ने सात राष्ट्रीय और 59 क्षेत्रीय दलों को बैठक में हिस्सा लेने के लिए पत्र लिखा है। बैठक में भाग लेने वाले क्षेत्रीय दलों में समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, बीजू जनता दल, द्रमुक, अन्नाद्रमुक, रालोद, शिरोमणि अकाली दल शामिल हैं। बता दें कि कानून मंत्रालय ने विधि आयोग से तीन महत्वपूर्ण मामलों पर सलाह भी मांगी है। मंत्रालय ने आयोग से पूछा है कि क्या सभी चुनाव एक साथ कराने से खर्च में कमी आएगी, क्या ऐसा करने से भारतीय राजनीति के लोकतांत्रिक तानेबाने को नुकसान पहुंचेगा और क्या आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं?