
priyanka gandhi on migrants issue
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच देश भर में लागू लॉकडाउन ने प्रवासियों को घर वापसी पर मजबूर कर दिया है। मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ प्रवासियों के वापस लौटने का सिलसिला अभी भी जारी है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार के मौजूदा रुख को देखते हुए कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आधी रात को खत लिखकर उत्तर प्रदेश सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में आरोप लगाते हुए प्रियंका ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
राज्य में प्रवासियों मजदूरों की वापसी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बसों का प्रबंध किया। इन बसों की सूची देने के बाद मंगलवार तड़के 2.10 बजे अवस्थी को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यालय से किया गया पूरा प्रकरण कुछ नहीं है, बल्कि राजनीति के चलते इसमें राज्य की सीमा पर फंसे गरीब प्रवासियों की मदद करने के इरादे का अभाव है।
पत्र में आरोप लगाते हुए कहा गया, "अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के कार्यालय से सोमवार देर रात 11.40 बजे एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि (प्रवासियों की घर वापसी के लिए) 'सभी बसों को लखनऊ में मंगलवार सुबह 10 बजे तक रिपोर्ट करनी होगी।' यह और कुछ नहीं बस राजनीति है।"
प्रियंका गांधी के निजी सहयोगी संदीप सिंह द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया, "जब लोग राज्य के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं सहित उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद व नोएडा की सीमा पर फंसे हुए हैं, तो ऐसे में खुद को पंजीकृत करने के लिए बसों को लखनऊ भेजने के लिए कहना संसाधनों की बर्बादी है।"
उन्होंने आगे कहा, "खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि पैदल चल रहे (प्रवासी) भाई-बहन की मदद करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। सरकार शुद्ध राजनीति में लिप्त है। मुख्यमंत्री (योगी) ने टीवी कार्यक्रम में कहा कि सरकार तीन दिनों से सूची मांग रही है, जबकि आपकी और से किया गया संचार सोमवार अपराह्न् 4.01 बजे प्राप्त हुआ था।
इससे पहले उत्तर प्रदेश में प्रवासियों के लिए एक हजार बसें चलाने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की कही बात के बाद उनके निजी सचिव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को बसों और उनके चालकों का विवरण दिया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसों की सूची जमा नहीं करने और प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर 'ओछी राजनीति' करने के लिए कांग्रेस पार्टी की आलोचना की थी।
Updated on:
19 May 2020 10:44 am
Published on:
19 May 2020 10:28 am
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
