
पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल एक बार फिर से शुरू हो गई है। अपनी कुछ मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन कर रही पूर्व अभिनेत्री और भाजपा नेता रिमझिम मित्रा को बुधवार को कुछ मांगों को लेकर कोलकाता नगर निगम कार्यालय पर प्रदर्शन कर रही थीं। इस दौरान पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं। इसी बीच मित्रा को हिरासत में ले लिया गया।
वहीं, दूसरी ओर, दक्षिण 24 परगना में चक्रवात प्रभावितों से मिलने पहुंचे बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो को तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार- मित्रा कोलकाता नगर निगम कार्यालय पर 'डेंगू मुक्त कोलकाता' समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थीं।
इस मौके पर उनके साथ बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता थे। प्रदर्शनकारियों को खदेरड़ने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया और लाठीचार्ज भी कर दिया।
भाजपा नेता रिमझिम मित्रा ने आरोप लगाया कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन से पहले अनुमति भी ली गई थी। इसके बावजूद पुरुष पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ धक्का-मुक्की की। इसके बाद मुझे हिरासत में ले लिया।
उधर, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो जब चक्रवात 'बुलबुल' से प्रभावित इलाकों में हालात का जायजा लेने के लिए दक्षिण 24 परगना पहुंचे तो लोगों ने उनका विरोध किया। लोग 'वापस जाओ, वापस जाओ' के नारे लगाने लगे। सुप्रियो का आरोप है कि उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोग पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थे।
सुप्रियो के अनुसार- उन्होंने मंगलवार को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे पश्चिम बंगाल में चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करने को है। बाबुल का काफिला जब चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले एक इलाके नमखाना पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वहीं रोक दिया। उन्हें काले झंडे दिखाए गए। सुप्रियो ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए आए हैं, इसके बावजूद उन्हें वापस जाने के लिए कहा गया।
Updated on:
13 Nov 2019 10:56 pm
Published on:
13 Nov 2019 10:11 pm
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