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पश्चिम बंगाल: नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी के लिए ममता सरकार ने किया ये काम, दिया बड़ा सम्‍मान

वैश्विक स्‍तर पर गरीबी कम करने का दिया फार्मूला विधानसभा पुस्तकालय में अभिजीत बनर्जी की पुस्तकों को रखने का प्रस्ताव

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नई दिल्ली। ममता बनर्जी सरकार ने नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी और उनकी टीम को सम्मानित करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। इसका मकसद वैश्विक गरीबी को कम करने के तरीकों पर अभिजीत बनर्जी और उनके प्रयोग आधारित शोध का सम्मानित करना है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव में अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी व साथी पुरस्कार विजेता एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को बधाई दिया गया है।

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पश्चिम बंगाल विधानसभा के सपीकर बिमान बनर्जी ने विधायकों के लिए विधानसभा पुस्तकालय में अभिजीत बनर्जी द्वारा लिखित पुस्तकों को रखने का भी प्रस्ताव रखा।

बिमान बनर्जी ने विधानसभा को बताया कि सरकार ने अभिजीत विनायक बनर्जी को सम्मानित करने का फैसला किया है। अब राज्य विधानसभा की ओर से भी उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल सरकार ने दिसंबर-जनवरी में उनकी प्रस्तावित यात्रा के दौरान बनर्जी के सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।

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कौन हैं अभिजीत बनर्जी?

अभिजीत बनर्जी भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं। वह "वैश्विक गरीबी को कम करने के व्यवहारिक दृष्टिकोण के लिए" के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हैं। 21 फरवरी, 1961 को जन्मे अभिजीत बनर्जी ने कलकत्ता विश्विद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1988 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वह मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में फोर्ड फाउंडेशन प्रोफेसर ऑफ इकोनॉमिक्स है।

अभिजीत बनर्जी का जन्म कोलकाता में निर्मला बनर्जी और दीपक बनर्जी के घर हुआ। उनकी माता कलकत्ता में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर थी और पिता दीपक बनर्जी कलकत्ता के प्रेसिडेंट कॉलेज में प्रोफेसर थे।

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बनर्जी इन्फोसिस पुरस्कार के विजेता रहे हैं। वह चार पुस्तकों के लेखक भी हैं, जिनमें पुअर इकोनॉमिक्स शामिल है, जिसने गोल्डमैन सैक्स बिजनेस बुक ऑफ द ईयर जीता। वह तीन और पुस्तकों के संपादक हैं। उन्होंने दो वृत्तचित्र फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने यूएन के महासचिव के पद-2015 विकास एजेंडा पर प्रख्यात व्यक्तियों के उच्च-स्तरीय पैनल में भी कार्य किया।

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