
दिल्ली का रियल बॉस कौन? SC में एलजी बनाम सीएम पर आज आ सकता है फैसला
नई दिल्ली। जब से दिल्ली में दूसरी बार आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने हैं तभी से एलजी और सीएम के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर संघर्ष चरम पर है। यह मुद्दा हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुना भी दिया लेकिन उसके बाद भी दिल्ली का बॉस कौन को लेकर संघर्ष जारी है। आज इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आ सकता है। यही कारण है कि दिल्ली में मुद्दे को लेकर सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई है।
सरकार ने की थी स्थिति स्पष्ट करने की अपील
दरअसल, दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से उप राज्यपाल से अधिकारों को लेकर लड़ाई चल रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि शासन व्यवस्था चलाने का अधिकार चुनी गई सरकार के पास होना चाहिए, मगर केंद्र से नियुक्त उप राज्यपाल अपनी मनमर्जी चलाते हैं। सुप्रीम कोर्ट इस मसले पर पिछले साल जुलाई में फैसला दे चुका है। मगर उस फैसले में विशिष्ट क्षेत्रों में सरकार और उप राज्यपाल के बीच अधिकार क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर भ्रम की स्थिति रही। जिस पर सरकार ने फैसले को और अधिक स्पष्ट करने की मांग के साथ फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस मुद्दे पर आज यह तय होगा कि सेवाओं, अफसरों के ट्रांसफर- पोस्टिंग और एंटी करप्शन ब्यूरो, जांच कमीशन के गठन पर अंतिम अधिकार किसका होगा?
शीला ने दिया था परिपक्वता का परिचय
बता दें कि पूर्व सीएम शीला दीक्षित का भी अधिकार क्षेत्र को लेकर एलजी से मतभेद होता था लेकिन 15 सालों के अपने मुख्यमंत्रित्व के कार्यकाल के दौरान उन्होंने असहज स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी। यही कारण है कि वह लगातार दिल्ली में तीन बार मुख्यमंत्री बनीं लेकिन अधिकार क्षेत्र को लेकर एक बार भी विवाद अदालत तक नहीं पहुंच पाया। पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने सियासी परिपक्वता का परिचय देते हुए आपसी तालमेल से ही इस विवाद का समाधान निकालती रहीं।
Updated on:
14 Feb 2019 10:37 am
Published on:
14 Feb 2019 08:00 am
