
BJP को क्यों खल रही Arun Jaitley की कमी, पार्टी नेताओं ने बताए कारण
नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) अपने जिस दौर में भी रही अरुण जेटली ( Arun Jaitley ) का एक अलग कद रहा। न जाने कितनी उन्होंने भाजपा को संकट से उबारा। यही वजह है कि जेटली को पार्टी का संकटमोचक कहा जाने लगा। आज जब वो नहीं हैं, तो भाजपा को उनकी कमी खूब खलती है। जिस तरह से कई बड़े मुद्दों पर पार्टी के घिरने पर वह संकट मोचक बन जाते थे, नेताओं और पार्टी वर्कर्स के सुख-दुख का ख्याल करते थे, उसे आज भी पार्टी के लोग याद करते हैं। 24 अगस्त को अरुण जेटली की पहली पुण्यतिथि ( Arun Jaitley death anniversary ) मनाई गई। ऐसे में आईएएनएस ने जब जेटली के पुण्यतिथि के एक दिन पहले पार्टी में उनके सहयोगी रहे कुछ राष्ट्रीय पदाधिकारियों से बात की तो सबने बस एक ही बात कही कि जेटली के जाने से पार्टी में जो स्थान रिक्त हुआ है, उसकी कोई भरपाई न पाएगी।
इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुनील देवधर ने कहा कि अरुण जेटली एक बेजोड़ वक्ता और शानदार व्यक्तित्व का नेता थे। देवधर ने कहा कि जेटली के पास जबर्दस्त बौद्धिक संपदा थी। जेटली के तर्क बेमिसाल थे, जिसको मैं 'जेटली एंगल' भी कहता हूं। भाजपा सचिव ने कहा कि विपक्ष जब भाजपा पर हमलावर होता था तो जेटली ढाल बनकर खड़े हो जाते। राज्यसभा में उनका कौशल देखते ही बनता था। उनकी कमी आज महसूस होती है। सुनील देवधर ने कहा कि जेटली में गजब की कला था। वह प्रधानमंत्री मोदी के हर सख्त फैसले पर विपक्ष के हमले का हल तलाश लेते थे। बीमारी के समय में भी उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और अपना मार्ग दर्शन देते रहे।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह ने कहा कि अरुण जेटली मानवीय गुणों से भरे हुए थे। दरअसल, आरपी सिंह 1982 से अरुण जेटली के साथ काम करने वाले नेता हैंं। सरदार आरपी सिंह ने बताया कि एक बार जम्मू का एक कार्यकर्ता अस्पताल में भर्ती हुआ तो जानकारी होने पर जेटली ने पूरा खर्च उठाया था। पार्टी के दिग्गज नेता गोविंदाचार्य का भी एक बार उन्होंने दिल्ली में इलाज कराया था।
Updated on:
23 Aug 2020 11:27 pm
Published on:
23 Aug 2020 11:18 pm
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