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मंत्री स्वतंत्र देव सिह से चौकी इंचार्ज की शिकायत करनी पहुंची आदिवासी महिला, बोली कहां से लाउं 15 साल की लड़की ?

जल शक्ति मंत्री झांसी दौरे पर थे तब उनसे एक आदिवासी महिला चौकी इंचार्च के खिलाफ शिकायत लेकर आई. मंत्री जी उसकी फरियाद सुनने के बजाय चना खाते हुए निकल गए। वह अपनी बात चिल्लाती रही लेकिन मंत्री जी को कोई असर नहीं ।

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झांसी

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Anand Shukla

Sep 10, 2022

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कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र सिंह देव से अपनी शिकायत बताती आदिवासी महिला

लखनऊ : सब कुछ जीता जा सकता है संस्कार से, जीता हुआ हारा जा सकता है अंहकार से। यह लाइन मैं इसलिए लिखी है कि यूपी में बीजेपी दूसरी बार सत्ता में वापसी की है। अपने जीरो टॉलरेंस की नीति पर । अगर सत्ता में बैठी सरकार को घमंड आ गया तो यह ही जनता उन्हें गद्दी प्रदान की है, उन्हें उतार भी देंगी। क्यों कि जनता सत्ता पर राज करने के लिए नहीं आपको वोट देती है बल्कि जनता की सेवा और रक्षा करने के लिए सत्ता पर बैठाती है।

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिस वीडियों मे देखा और सुना जा सकता है कि कैसे एक आदिवासी महिला मंत्री से चौकी इंचार्ज की शिकायत करनी पहुंचती है। मंत्री जी सुनते ही नहीं है चना खाते और मुस्कुराते हुए चले जाते हैं। यह मंत्री जी है यूपी में कैबिनेट जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र सिंह।
आदिवासी महिला मंत्री जी से कहती है कि मंत्री से चौकी इंचार्ज साहब मेरे शिकायत दर्ज नहीं कर रहे हैं। चौकी इंचार्ज साहब मुझसे 15 साल की लड़की की मांग कर रहे हैं। कहां से लाए 15 साल की लड़की ? इस पर मंत्री जी को कुछ करने पी बजाय चुपचाप चले जाते हैं।जबकि मंत्री जी इतने सशक्त हैं कि कोई अधिकारी इनकी बात को टाल नहीं सकता है । स्वतंत्र देव सिंह योगी कैबिनेट में जल शक्ति मंत्री हैं। इससे पहले वह प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष रह चुके हैं।

यह कोई पहला मामला नहीं, ऐसा पहले भी हो चुका है
बताया जा रहा है कि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह अपने झांसी दौरे पर थे,वहीं पर एक आदिवासी महिला अपी फरियाद लेकर आई थी तब की यह घटना है। मंत्री जी को कुछ करने के बजाय वह चुपचाप चले जाते हैं।
कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र सिंह देव का ऐसा मामला पहली बार नहीं है, बल्कि दूसरी बार है। एक बार और मंत्री कुशीनगर दौरे पर थे तब एक विकलांग अपनी फरियाद लेकर मंत्री जी के पास आया था तब भी मंत्री जी कुछ ऐसा ही रिक्शन था। वहां भी वह बात नहीं सुने थे और चुपचाप चले गए थे। उस समय हुआ यह था कि मंत्री जी को वह विकलांग अपनी बात बताने के लिए आगे बढ़ा और गिर गया । मंत्री जी उस व्यक्ति को उठाने के बजाय उसे लांग कर निकल गए थे और आज एक महिला एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ अपना फरियाद लेकर आई थी तब भी मंत्री जी ऐसा ही किया ।

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सत्ता पर राज करने वाले नेता ही जनता का रक्षक नहीं भक्षक बन जाए तो सोचों क्या होगा ? अधिकारी को डर ही नहीं होगा कि मेरे खिलाफ कोई कारवाई होगी। ऐसे में बेचारी जनता ही बिसती रहे ।