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यशवंत सिन्हा का सरकार पर हमला, कहा- सदन में आखिर जेटली ने माल्या से मिलने की बात क्यों छिपाई

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अब अरुण जेटली और केन्द्र सरकार पर निशाना साधा है।
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Yashwant Sinha

यशवंत सिन्हा का सरकार पर हमला, कहा- सदन में आखिर जेटली ने माल्या से मिलने की बात क्यों छिपाई

नई दिल्ली।विजय माल्या से मुलाकात को लेकर अरुण जेटली विपक्ष के निशाने पर हैं। कांग्रेस ने सरकार और वित्तमंत्री जेटल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं, अब पूर्व वित्त मंत्री यशवंत ने भी जेटली पर हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया है कि साल 2016 में राज्यसभा में विजय माल्या के विदेश भागने में सरकार की भूमिका पर चर्चा हुई थी, तब जेटली ने सदन को क्यों नहीं बताया कि उनसे संसद के अंदर चलते-चलते या बंद कमरे में या किसी भी तरह उनसे मुलाकात हुई थी।

यशवंत सिन्हा का वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री पर हमला


यशवंत सिन्हा ने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन का मामला बन सकता है। पूर्व मंत्री ने लगे हाथ यह भी कहा कि विजय माल्या के खिलाफ लुक आउट नोटिस होने के जानकारी वित्त मंत्री को थी और वह उनसे मुलाकात में कह रहा है कि लंदन जा रहा हूं, तब वित्त मंत्री ने एजेंसियों को क्यों नहीं अलर्ट किया कि माल्या विदेश भागने की कोशिश में है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण के नाम पर सरकार लोगों की आंख में धूल झोक रही है। उन्होंने कहा कि जब एक सामान्य आदमी कहीं भागता है, तो हम यह कह सकते हैं कि चूक हो गई। लेकिन, विजय माल्य, ललित मोदी, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोग भागते हैं तो इस पर सवाल उठना लाजमी है, क्योंकि इन सबों की लिस्ट प्रधानमंत्री कार्यालय में थी। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जब माल्या ने कहा तब अरुण जेटली ने सफाई दी कि उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री की तरफ सफाई आनी चाहिए कि आखिर पूरा मामला क्या है? यशवंत सिन्हा ने यह भी कहा कि खुद भाजपा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी भी इस बात को उठा चुके हैं।

अरुण जेटली ने दी यह सफाई

आपको बता दें कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विजय माल्या के दावे को खारिज कर दिया है। जेटली ने कहा कि वह (माल्या) राज्यसभा का सदस्य थे और कभी-कभार संसद आया करते थे। एक बार जब मैं सदन से अपने कक्ष जा रहा था, उन्होंने विशेषाधिकार का फायदा उठाया। मंत्री ने कहा कि वह तेजी से मेरी तरफ आगे बढ़े और एक वाक्य कहा कि 'मैं सेटलमेंट का ऑफर दे रहा हूं'। जेटली ने कहा कि चूंकि वह उनके पहले के झूठे वादों को जानते थे, इसलिए मैंने उन्हें आगे बातचीत करने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मुझसे बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है और उसे अपने ऑफर को बैंकों को देना चाहिए।