4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रोडवेज हड़ताल का असर, खुद के खर्च पर रहने को मजबूर कर्मचारी

- पांचवें दिन भी हड़ताल पर रहे रोडवेज कर्मचारी
2 min read
Google source verification
hadtaal

रोडवेज हड़ताल का असर, खुद के खर्च पर रहने को मजबूर कर्मचारी

प्रतापगढ़. रोडवेज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को पांचवें दिन भी हड़ताल पर है। हड़ताल के चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों की हड़ताल के चलते सभी बसें रोडवेज डिपो खड़ी रही। हड़ताल के चलते राजस्थान परिवहन निगम में कार्यरत बाहरी कर्मचारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वे अपनी बस के साथ यहां आ गए, इसके बाद हड़ताल हो गई। अब वे वापस अपने घर नहीं जा सके। यहां खुद के खर्च पर रह कर हड़ताल में अपना समर्थन दे रहे हंै।

रोडवेज कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को रोडवेज डिपो पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।
रोडवेजकर्मियों की पीड़ा...

दौसा का हूं, यहां अटक गया
मैं दौसा का हूं। वहां से आया था। यहां आने के बाद हड़ताल हो गई। तब से यही हूं। अपनी जायज मांगे मनवाने के लिए घर छोड़ कर यहां बैठे हैं। हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं ।
ज्ञानचंन्द्र बैरवा, कर्मचारी, निवासी दौसा
---
खुद के खर्चपर रुके हैं
मैं सप्ताह में एक दो बार घर चला जाता था। छुटियों पर घर जाता था, लेकिन हड़ताल के कारण यहीं रुक गए। अब हड़ताल को समर्थन देने के लिए खुद के खर्च पर यही रुका हुआ हूं।
कृष्णवतार मीणा, कर्मचारी, निवासी जयपुर

-----
हड़ताल करना मजबूरी बना
सरकार मांगें नहीं मान रही है। जिसके कारण मजबूरन हमें हड़ताल करनी पड़ रही है। राज्य सरकार को जल्द हमारी मांगे माननी चाहिए।
कन्हैयालाल, चालक, निवासी भरतपुर

नहीं जा पा रहे घर
मैं जयपुर का हूं। यहां बस के साथ आया था। हड़ताल के कारण वापस नहीं जा सका।यही सोचकर रुके हुए थे कि एक दो दिन में हड़ताल खत्म हो जाएगी। डिपो में ही सोते हैं और बाहर का खाना पीना कर काम चला रहे हैं। सरकार जायज मांगे भी नहीं मान रही।
कैलाश चन्द्र बैरवा, परिचालक , निवासी जयपुर