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जंगल में 4 जगहों पर दिखे पैंथर

वन्यजीवों की हुई गणना
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pratapgarh

जंगल में 4 जगहों पर दिखे पैंथर



प्रतापगढ़. जिले में वैशाखी पूर्णिमा पर वाटर ***** आधारित वन्यजीव गणना में कई स्थानों पर पैंथर दिखाई दिए। जबकि कई स्थानों पर दहाड़ सुनाई दी। जिले में वन विभाग के बाहरी जंगल में 72 वाटर ***** पर गणना की गई।सीतामाता अभयारण्य में 66 वाटर ***** पर गणना का आंकलन किया गया। एसीएफ सुबोधकुमार राजपूत ने बताया कि प्रतापगढ़ के सीतामाता अभयारण्य में वाटर ***** पर पानी पीने के लिए आया पैंथर दिखाई दिया। इसके साथ ही बांसी के जंगल में पहाड़ी कछुआ भी देखा गया। वहीं धरियावद के इलाके में लोमड़ी देखी गई।
24 घंटे तक चली गणना: जिले में वैशाखी पूर्णिमा पर होनी वाली वाटर ***** आधारित वन्यजीव गणना शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई। जो 24 घंटे तक रविवार सुबह 8 बजे तक की गई। कई वन्यजीव पानी पीने के लिए वाटर ***** पर पहुंचे।
दिखे कई दुलर्भ वन्यजीव: जिले के प्रमुख सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य में इस बार हुई वन्यजीव गणना में कई दुर्लभ जीव भी दिखाई दिए है। वैशाखी पूर्णिमा पर वन्यजीव गणना के लिए कुल 66 वाटर ***** बनाए गए थे। उपवन संरक्षक सविता दहिया ने बताया कि अभयारण्य में चार स्थानों पर पैंथर देखा गया। रेंजर मनोजकुमार औदिच्य ने बताया कि उडऩ गिलहरी, चौसिंगा भी कई स्थानों पर देखे गए है।

अंधेरे में दिखा पैथर
जिले के धरियावद के जंगल में दो स्थानों पर पैंथर दिखाई दिया। फोरेस्टर त्रिलोकनाथ ने बताया कि झांई का खेड़ा में रात को एक पैंथर पानी पीने के लिए आया। जो अंधेरे में पानी पीने के बाद अपने रास्ते चला गया।

प्रतापगढ़ .राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की बैठक अंबिका बाणेश्वरी विकास संस्था एवं राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा आयोजित की गई। जिसमें आगामी 6 जून को महाराणा प्रताप जयंती का समारोह आयोजित किए जाने एवं वाहन रैली का आयोजन किया जाना तय किया गया। उसमें सर्व समाज सभी सामाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक रूप से वाहन रैली में सम्मिलित होंगे।अध्यक्षता राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह राणावत ने की। महिला इकाई अध्यक्ष नीलम कुंवर मोहेडा, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के पदाधिकारी मौजूद रहे।इसके साथ ही क्षत्रिय समाज के बहादुरसिंह मगरोड़ा, दिग्विजयसिंह कुलथाना, विक्रमसिंह मोहेडा, चंद्रवीरसिंह गरदोडी, गजराजसिंह, लोकेंद्रसिंह, राजेंद्रसिंह, बलवंतसिंह पीलू, हरिओमसिंह, दिलीपसिंह, नेपालसिंह,मोरसिंह, घनश्यामसिंह, बलरामसिंह टेरीयाखेडी, गोपालसिंह धमोतर, राजेंद्रसिंह वरलमणडल, तेजपालसिंह, लोकेंद्र साह, जितेंद्रसिंह राठोर, रविराज बोरदीया, यशपालसिंह, कुबेरसिंह सेलारपुरा आदि मौजूद थे।