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चूपना
प्रतापगढ़ पिपलोदा मार्ग पर जिला मुख्यालय से २७ किलोमीटर दूर स्थित चूपना गांव में विकास कार्य तो खूब दिखाई देते है। लेकिन सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। गांव में पिछले दस साल में काफी बदलाव आया है। कच्चे घर पक्के मकानों में तब्दील हो रहे हैं। गांव की युवा पीढ़ी में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। गांव में आधुनिकता का रंग चढ़ चुका है। युवा पीढ़ी के हाथों में स्मार्ट फोन दिखाई देने लगे हैं।
सरकार की तीन बड़ी योजनाओं प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा और स्वच्छता अभियान की समीक्षा करें तो तीनों ही योजनाएं ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुई है। गांवों पक्के मकान तो लगातार बन ही रहे हैं। प्रधान मंत्री आवास योजना से इसमें तेजी आई है।
गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना में 165 घर स्वीकृत हुए थे। इसमें से 17 पूरे हो गए है। नरेगा में 1100 लोगों को रोजगार मिला है। ग्राम पंचायत की ओर से श्मशान भूमि का निर्माण, बाउंड्री वाल, छपरा, गांव में पेयजल के लिए पानी की टंकी कुएं का निर्माण, आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेल बाउंड्री, समतलीकरण, नरेगा से स्कूल मैं स्मार्ट क्लास प्रार्थना स्थल बनाए गए है।
सफाई अभियान से जागरूकता बढ़ी है। पंचायत की ओर से सफाई होने लगी है। लेकिन स्वच्छता अभियान के मामले में अभी बहुत किया जाना बाकी है। हालांकि ग्राम पंचायत की ओर से कचरापात्र रखे हुए है। लेकिन ये भी अस्त-व्यस्त है। इन्हें समय पर खाली नहीं किया जाता। कचरा भी सड़ांध मारता है। कई जगह नालियों के अभाव में पानी भरा रहता है। महिला शौचालय का अभाव है। सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। गांव में सीसी रोड खस्ताहाल है। इसकी लम्बे अरसे से मरम्मत नहीं की गई।
कराएंगे सभी विकास
ग्राम पंचायत में सभी प्रकार के कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। रही बात सफाई की तो कचरा पात्र रखवाए गए है। इनमें से कचरा संग्रहण के लिए भी व्यवस्था की जाएंगे। गांव के विकास में ग्रामवासियों का भी सहयोग आवश्यक है।
सरपंच राजेश कटारा
Updated on:
24 Sept 2018 12:00 pm
Published on:
24 Sept 2018 12:00 pm
