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निजी बस की चपेट से व्यक्ति की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

- पुलिस अधिकारियों ने की समझाइश
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pratapgarh

निजी बस की चपेट से व्यक्ति की मौत, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

सालमगढ़ कस्बे के बस स्टैंड के पास मुख्य रोड पर शुक्रवार सुबह निजी बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने यहां बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। बाजार भी बंद करा दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बज को जब्त कर ली। काफी समझाइश के बाद ही मामला शांत हो सका।
बस स्टैंड पर बालू( 45) पुत्र कचरूलाल प्रजापत अपने घर के बाहर खड़ा था। इस दौरान बस स्टैंड की ओर आ रही निजी बस ने अपनी चपेट में ले लिया। बस के पिछले टायर के नीचे दब गया। इस पर बस चालक मौके से भाग गया। जबकि बालूराम को परिवार व पड़ोसियों ने निजी वाहन से उपचार के लिए प्रतापगढ़ ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में ही बालूराम में दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही सालमगढ़ पुलिस ने बस को पुलिस थाने में खड़ी करवा दी। इसके बाद बालू की मौत की सूचना पर ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर व पुलिस थाने के आसपास इक_ा होने लगे। ग्रामीणों ने स्वैच्छिक बाजार बंद कर रास्ता जाम कर दिया। पीडि़त परिवार को तुरंत सहायता की मांग की। महिलाओं ने रास्ते पर ही गाड़ी में शव रखकर सहायता राशि की मांग की। दोपहर तीन बजे तक शव को बस स्टैंड पर कार में रखकर परिजन व महिलाएं रास्ता रोके खड़े रहे।इसी दौरान बार-बार पुलिस द्वारा समझाइश होती रही। परिजन और ग्रामीण बस मालिक से सहायता राशि की मांग को लेकर अड़े रहे। दोपहर को पुलिस उप अधीक्षक जयदेव सिहाय सालमगढ़ पहुंचे।लेकिन ग्रामीण व परिजन नहीं माने।
मामला बढ़ते देख उपखंड अधिकारी बिंदुबाला राजावत भी मौके पर पहुंची। महिलाओं व परिजनों से उपखंड अधिकारी ने बात की। राजावत ने सरकारी सहायता की हर संभव मदद करने पर लोगों को समझाया। लेकिन परिजन तुरंत सहायता राशि की मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर बस मालिक अरनोद थाने में बुलाया और परिजन व ग्रामीण भी पहुंचे।जहां समझौता व सहायता राशि पर सहमति बनी। इसके बाद ही यहां कस्बे के बस स्टैंड से शव को सालमगढ़ चिकित्सालय ले जाया गया। पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया।
मृतक पर ही आश्रित था पूरा परिवार
मृतक का परिवार उसी पर आश्रित था। उसके बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी, एक पुत्र है।परिवार की आजीविका का मात्र एक ही सदस्य था। दुखद घटना को लेकर गांव में दुख छा गया।