
दलोट में भी फूटा आक्रोश, बंद रहा कस्बा
दलोट निकटवर्ती मन्दसौर में मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपितों को फांसी दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को दलोट कस्बा बंद रहा। कस्बे के छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों ने स्वैच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। सुरक्षा व्यवस्था में डीप्टी जगराम मीणा, सालमगढ़ थाना प्रभारी बुधाराम बिश्नोई, पीपलखूंट एएसआई कंवरलाल आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मन्दसौर में 7 वर्षीय मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म व दरिंदगी को लेकर सर्वसमाज की ओर से दलोट बंद का आह्वान किया गया था। दुष्कर्मियों को फांसी की मांग की गई।
कस्बेवासियों ने दुष्कर्म के आरोपी का पुतला बनाकर कस्बे के मुख्य मार्गों पर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इसके बाद पुतले को सालमगढ़ चौराहे पर फांसी पर लटकाया। पुतले को उतारकर चौराहे पर पुतला दहन किया। इसके बाद कस्बेवासियों ने मौके पर पहुंचे तहसीलदार धनराज मीणा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर आरोपियों को फांसी देने की मांग की। ज्ञापन देने के बाद कस्बेवासियों ने अपने प्रतिष्ठान खोले।
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दूध के लिए बहाना पड़ा पसीना
-अन्नपूर्णा दूध वितरण योजना के पहले दिन आई कई समस्याएं
-कहीं देरी से हुआ वितरण, कहीं बच्चों को नहीं भाया फीका दूध
प्रतापगढ़.अन्नपूर्णा दूध वितरण योजना की शुरुआत के पहले दिन शिक्षकों को बच्चों को दूध पिलाने में पसीना बहाना पड़ा तब कहीं जाकर बच्चों को दूध मिल पाया। शिक्षकों को दूध लाने, गर्म करने और बच्चों को पिलाने तक काफी परेशानियां उठानी पड़ी। जिसके चलते कई विद्यालयों में बच्चों को काफी देरी से दूध मिल पाया।
खुद की जेब से राशि खर्च
कई विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि दूध वितरण के लिए बर्तन, गिलास आदि के लिए राशि मिली थी, जिससे उनकी खरीदारी कर ली गई थी लेकिन दूध के लिए फिलहाल उन्हें कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में उन्हें दूध अपनी जेब से राशि खर्च कर खरीदना पड़ा है। जिसका बिल बनाकर जमा कराया जाएगा।
कहीं बच्चों का, कही अतिथियों का इंतजार
योजना के पहले दिन दूध वितरण के लिए कई विद्यालयों में बच्चों के आने का इंतजार होता रहाा वहीं कई विद्यालयों में दूध वितरण के लिए अतिथियों के आने का इंतजार होता रहा। ऐसे में अधिकांश विद्यालयों में दूध वितरण देरी से शुरू हुआ।
नहीं भाया फीका स्वाद
जिले में जहां कई विद्यालयों में दूध वितरण काफी देरी से हुआ तो कई बच्चों को दूध का फीका स्वाद पसंद नहीं आया। योजना के अनुसार बच्चों को फीका दूध पिलाना है। ऐसे में दूध में शक्कर नहीं डाली गई। ऐसे में फीके दूध का स्वाद कई बच्चों को नहीं भाया और कुछ बच्चे मुंह बिगाडकऱ दूध पीते दिखाई दिए तो कुछ बच्चों ने काफी दूध गिलास में ही छोड़ दिया वहीं कई बच्चों ने तो दूध को यहां वहां ढोल दिया।
सप्ताह में तीन दिन मिलेगा दूध
योजना के तहत कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन दिन दूध वितरित किया जाएगा। निर्धारित मात्रा के अनुसार कक्षा 1 से 5वीं कक्षा तक के छात्रा-छात्राओं को सप्ताह के सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को 150 मिली एवं कक्षा 6 से 8 वीं तक के छात्रा-छात्राओं को 200 मिली गरम दूध वितरित किया जाएगा।
जिला स्तरीय समारोह आयोजित
अन्नपूर्णा दूध वितरण योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापगढ़ में जिला प्रमुख सारिका मीणा के मुख्य आतिथ्य, प्रभारी सचिव एमएस काला की अध्यक्षता, जिला कलक्टर भंवरलाल मेहरा, नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी और शिवजी गौड़ शिक्षा उपनिदेशक प्रारम्भिक उदयपुर मण्डल के विशिष्ठ आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। जिला प्रमुख सारिका मीणा ने कहा कि दूध वितरण से छात्रा-छात्राओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा। जिला प्रभारी सचिव एमएस काला ने अध्यापकों को निर्देशित किया बच्चे छोटे है आप इनके दूध पात्रों की सफाई का विशेष ध्यान रखें और उनका पूरा दूध उन्हें पिलाएं। जिला कलक्टर भंवरलाल मेहरा ने कहा कि शिक्षक बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई इस महत्वाकांक्षी योजना की निष्ठा से पालना करें। नगर परिषद सभापति कमलेश डोसी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। अन्नपूर्णा दूध योजना से इस उद्देश्य की प्राप्ति होगी। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हेमेन्द्र उपाध्याय तथा जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) मावजी खांट ने योजना के बारे में जानकारी दी। अतिथियों ने अपने हाथों से बच्चों को दूध पिलाकर योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की बजट घोषणा एवं पद्माक्षी पुरस्कार से सम्मानित सात बालिकाओं को स्कूटी भी वितरित की गई। इस अवसर पर जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. वीसी गर्ग, पंचायत समिति प्रधान कारीबाई, उपसभापति डॉ. विद्या राठौर, जिला पर्यवेक्षण अधिकारी विजय सारस्वत, तहसीलदार योगेन्द्र जैन, राउमावि प्रतापगढ़ की प्रधानाचार्य सुमन मीणा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुधीर वोरा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. शान्तिलाल शर्मा ने किया।
Published on:
02 Jul 2018 07:43 pm
