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प्रतापगढ़ में चार इंच बारिश, पुलियाओं पर पानी, कई गांवों का सम्पर्क कटा

नदी-नालों में उफानखेतों में भरा पानी, नुकसान की आशंकापीपलखूंट में साढ़े पांच इंच बारिश
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प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ में तेज बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा।इस दौरान प्रतापगढ़ मुख्यालय पर रविवार सुबह ८ बजे तक पिछले २४ घंटों के दौरान चार इंच बारिश दर्ज की गई।इसके साथ ही कई नदी-नालों में उफान के चलते मार्ग अवरुद्ध हो गया। गांवों के पास नालों में उफान से गांवों में पानी बहकर निकला। जिले के जलाशय भी पूरे भर गए है। वहीं भंवरसेमला बांध के पांचों गेट खोल दिए गए है। बारिश का दौर दोपहर तक जारी रहा।इसके बाद शाम तक फुहारों और रिमझिम बारिश का दौर रुक-रुककर चलता रहा।बारिश के कारण कई खेतों में की हुई फसलों और पक चुकी फसलों में नुकसान की आशंका है। इससे किसानों में चिंता है।वहीं कई पुलियाओं पर पानी बहने से गांवों का सम्पर्क कटा हुआ है।

भंवरसेमला के पांचों गेटखोले
शहर के निकट भंवरसेमला बांध में पानी की भरपूर आवक हुई।इसे देखते हुए विभाग ने रविवार सुबह इस बांध के पांचों गेट खोल दिए है। इनसे पानी पूरे वेग से गिर रहा है।

जामख बांध छलकने को आतुर
जिले के प्रमुख बांध जाखम में ३१ मीटर के मुकाबले २९.७५ मीटर पानी की आवक हो चुकी है। यहां रविवार सुबह आठ बजे तक पौने ३० मीटर पानी की आवक हो गई।

नुकसान कम, फायदा अधिक
जिले में इस समय हुई बारिश से खरीफ की फसलों में नुकसान होगा। हालांकि खरीफ में अगेती सोयाबीन की फसल में नुकसान की आशंका है।वहीं उड़द, मक्का, चंवला की फसलों में भी नुकसान होगा। लेकिन बारिश के कारण सोयाबीन की पछेती फसलों में काफी फायदा होगा।

करजू
गांव में रविवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। मूसलाधार बारिश होने से खेत-खलिहान में पानी भर गया जिससे सोयाबीन की फसल खराब हो गई है। किसानो ने फसल की कटाई शुरू कर दी थी। लेकिन बारिश होने से खेतों में सोयाबीन की फसल तैरने लगी है। ऐसे में किसान परिवार की आमदनी पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा की मांग की है।
नपुरा
क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं। वहीं राजस्थान व मध्यप्रदेश के बीच बहने वाली शिवना नदी भी अपनी तेज रफ्तार बही। श्ीिवना नदी का जलस्तर बढऩे के साथ ही राजस्थान व मध्यप्रदेश का सफर तय करवाने वाली पुल पर भी पानी आने से राहगीरों को कई समय के लिए पानी उतरे का इन्तजार करना पड़ा। वहीं नदी के तट पर बना नीलकंड महादेव मंदिर भी पानी में डूब गया।
मोवाई
कोटड़ी गांव में दो दिन से लगातार बारिश होने से नुकसान होने लगा है। किसानों को सोयाबीन की चिंता होने लगी है। कच्चे मकानों में नुकसान होने लगा है। बाजारों में एक फीट तक पानी बहा।वहीं शौली हनुमानजी पुलिया पर
बारिश से नदी नाले उफान पर, कई गांवों का कटा संपर्क
धोलापानी
क्षेत्र में दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते पुलियाओं पर पानी बह रहा है।इससे कई गांवों का सम्पर्क कटा हुआ है। शनिवार रातभर बारिश का दौर जारी रहा। रविवार को दोपहर तक कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर जारी रहा। जाखम, अराडा, अंधेरी, झांक, सुकड आदि नदियों में पानी की जोरदार आवक रही। पुलिया ऊपर 2 से 3 फीट पानी बहता रहा।जिससे कई गांवों का संपर्क आपस में कटा रहा। राहगीरों को पुलिया ऊपर बहते पानी को कम होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। पुलिया पर पानी के चलते धोला पानी पुलिस मुस्तैद रही। थानाधिकारी भवानीसिंह मय जाप्ते के टांडा घाटा, पथराघाटा, बर्राघाटा आदि पर नजर रखी। राहगीरों को पुलियाओं पर बहते पानी के तेज बहाव से पुलिया पार नहीं करने की हिदायत दी।