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भारी न पड़ जाए लापरवाही

-वाहन चालकों की शराबखोरी पर प्रभावी रोक नहीं
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pratapgarh

भारी न पड़ जाए लापरवाही

-सक्षम विभागों के पास संसाधन ही नहीं मौजूद
प्रतापगढ़. किसी भी वाहन में सफर करने पर उसमें बैठी सवारियों की जान वाहन चालक के हाथ में होती है। चालक की जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है और यदि उसने शराब पी रखी है तो हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों की शराबखोरी पर रोक लगाई जाना महती आवश्यक है, लेकिन जिले में वाहन चालकों की शराबखोरी रोकने के लिए जांच और प्रभावी रोक के अभाव में यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
बिना संसाधन कैसे जांच
जिले में निजी बस व अन्य वाहन चालकों की शराबखोरी रोकने के लिए संसाधनों की कमी का आलम यह है कि जिले में रोडवेज और परिवहन विभाग के पास लम्बे समय से शराबी वाहन चालकों की जांच के लिए ब्रीथ एनालाइजर तक नहीं है जिसके चलते उन्हें जांच कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निजी वाहनचालकों की कहीं नहीं जांच
रोडवेज प्रशासन ने तो फिर भी शराबखोरी पर रोक के लिए कवायद कर रखी है, जिसके चलते जांच के डर से चालक परिचालकों के शराब सेवन पर रोक लगी है, लेकिन निजी बस चालकों के शराब पीने पर रोक लगाने का कोई प्रभावी इंतजाम नहीं है। न बस में चढने से पहले न बस से उतरने के बाद और ना ही मार्ग में कहीं जांच होती है। वहीं ट्रक चालकों की शराबखोरी रोकने के लिए भी कोई माकूल व्यवस्था नहीं है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार परिवहन विभाग भी वाहन चालकों के शराब सेवन की जांच करते हैं, लेकिन जिले में परिवहन विभाग के पास भी ब्रीथ एनालाइजर ही नहीं है। ऐसे में इनकी शराबखोरी की जांच प्रभावित होती है। जिसका खामियाजा आमजन को उठाना पड़ सकता है।
यात्रियों की धुक-धुक
बस आदि में शराब पीकर वाहन चलाने के दौरान कई बार यात्रियों को इसका पता भी लग जाता है वहीं कई बस चालक व परिचालक तो रात के समय रास्ते में ढाबों आदि पर खाना खाने के दौरान शराब का सेवन करने लग जाते हैं। इसके बावजूद अधिकांशतया यात्री कुछ नहीं कर पाते और रास्तेभर उनके मन में दुर्घटना को लेकर धुकधुक लगी रहती है।
दूसरों के लिए खतरा
शराब पीकर वाहन चलाने के दौरान जहां इन वाहनों में बैठे लोगों की जान खतरे में रहती है वहीं ये अन्य वाहनों में सवार लोगों के लिए भी खतरा बने रहते हैं। संतुलन बिगडऩे या भिडंत के दौरान दूसरे वाहन भी इनकी चपेट में आ जाते हैं।
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मांग कर रखी है
जिला परिवहन विभाग की ओर से वाहन चालकों की जांच की जाती है। विभाग के पास ब्रीथ एनालाइजर नहीं है। ऐसे में जांच कार्य में थोड़ी परेशानी तो आती ही है। ब्रीथ एनालाइजर की मांग कर रखी है।
रामराज खाती, परिवहन उप निरीक्षक, प्रतापगढ़
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मंगवा रखा है
कर्मचारियों में शराब सेवन की जांच तो की जाती है लेकिन रोडवेज डिपो के पास ब्रीथ एनालाइजर नहीं है। प्रतापगढ़ डिपो के लिए ब्रीथ एनालाइजर मंगवा रखा है।
इस्लामुद्दीन, मुख्य प्रबंधक, प्रतापगढ़ डिपो