
अब अगले माह ही शुरू होगा काम, झांताला बांध के निर्माण का मामला
अगले माह से काम शुरू होने की संभावना
प्रतापगढ़ .जिले के खोरिया ग्राम पंचायत के पास पहाडिय़ों के बीच झांतला क्षेत्र में सिंचाई परियोजना निर्माण कार्य अब अगले माह ही शुरू हो सकेगा।यहां निर्माण स्थल पर पानी भरा होने से कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि झांतला बांध काफी पुराना था। जो मिट्टी का कई वर्षों में अलग-अलग वर्षों में टुकड़ों में बनाया था। ग्रामीणों की मांग के अनुसार इसमें ऊंचाई भी बढ़ाई जाती रही है। इसके एक साइड में ओवरफ्लो भी बनाया गया। जो अलग-अलग समय में बनाया था। इसके बाद विभाग आदि की देखरेख नहीं होने के कारण अभाव में यह बांध जीर्ण-शीर्ण हो चुका था। जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए जल संसाधन विभाग की ओर से इसके लिए प्रस्ताव बनाए गए। इसके लिए इसके 250 मीटर आगे बांध का प्रस्ताव बनाया गया। इसकी स्वीकृति हो गई है। टेंडर के बाद कार्य शुरू कराया जाना है। इसके लिए बांध स्थल पर पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा है।
डेढ़ सौ हैक्टेयर में सिंचाई, बढ़ेगा जल स्तर : इसकी उपयोगी भराव क्षमता 65 एमसीएफटी होगी। इस बांध के बनने से प्रतापगढ़ तहसील के झांतला, उमरीखेड़ा, दलेलपुरा, उम्मेदपुरा, आम्बा खो व केशरपुरा गांवों की 147 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र का वाटर लेवल ऊंचा होगा। इससे लगभग 300 परिवार लाभान्वित होंगे। वहीं भू-जल स्तर में भी काफी बढ़ोतरी होगी।
यह झांतला सिंचाई परियोजना
प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 24 मई 2017 को हुई थी। इसके तहत 8 42 लाख 6 3 हजार रुपए जारी की गई। इसके लिए टेंडर 24 जुलाई 2018 को निकाले गए। इसके लिए विभाग को 198 लाख 6 4 हजार रुपए आवंटित किए गए है। कार्य शुरु कराने की तिथि 6 अगस्त 2018 है। जबकि कार्य समाप्ति की तिथि 5 अगस्त 2019 निर्धारित की गई है।
यह बनाया तकमीना
यह परियोजना चम्बल बैसिन में गांधी सागर बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में आती है। यहां प्रस्तावित बांध मध्यप्रदेश के गांधी सागर बांध की कुल भराव क्षमता का 0.017 प्रतिशत ही है। इस प्रस्तावित बांध का केचमेंट क्षेत्र 8 .10 वर्ग किमी है। जिसकी 50 प्रतिशत डिपेंडेबिलिटी की गणना अनुसार कुल भराव 65 एमसीएफटी आती है। भराव मात्र 44 एमसीएफटी ही होने से गांधी सागर बांध में कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। बांध बनाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।
नहरों के भी हुए टेंंडर
उक्त कार्य के नहरों के सर्वे कार्य का टेंडर जारी किया जा चुका है। इस परियोजना के डूब क्षेत्र में अवाप्त की जाने वाली भूमि के लिए धारा 7 की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। जबकि धारा 11 एवं 12 की कार्यवाही प्रगति पर है। इस बांध का कमांड क्षेत्र 147 हैक्टेयर है। जिससे 6 गांव लाभान्वित होंगे। यहां कार्य स्थल पर पानी भरा होने के कारण जनवरी 2019 से पहल कार्य शुरू करना सम्भव नहीं है।
निविदाएं जारी, इसी माह से होगा कार्य
&झांतला बांध के लिए 842 लाख 63 हजार रुपए का स्वीकृति हुई है। इसके लिए निविदाएं जारी की गई। टेंडर भी हो चुके है। लेकिन कार्य स्थल पर पानी भरा होने से कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही डूब में आने वाली भूमि के लिए मुआवजे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
यूएस यादव, अधिशासी अभियंता, जल संसाधन विभाग, खंड प्रतापगढ़
Published on:
13 Dec 2018 11:08 am
