
प्रसूता की मौत पर गुस्साए परिजन और ग्रामीण, लगाया जाम
प्रतापगढ़.
जिला चिकित्सालय में गुरुवार सुबह एक प्रसूता की मौत पर परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने अस्पताल के बाहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग ११३ पर जाम लगा कर रास्ता रोक दिया। जिसे बाद में प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद खोला गया।
यह लगाया आरोप
परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मी पत्नी गौरी शंकर निवासी मांडवी घंटाली को मंगलवार को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था। चिकित्सक बार-बार प्रसव के लिए आगे का समय देते रहे। बुधवार शाम को महिला को ज्यादा दर्द होने पर चिकित्सकों को बताया गया तो उन्होंने फिर भी प्रसव नहीं करवाकर अगले दिन सुबह ५ बजे प्रसव करवाने के लिए कहा। महिला के पति ने कहा की उसने जब गुरुवार सुबह जाकर अपनी पत्नी को देखा तो प्रसुता और गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी थी।
मशक्कत के बाद खुलवाया जाम
घटना से गुस्साए परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर जमकर नारे लगाए और एनएच ११३ पर जाम लगा दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने की सूचना मिलने पर करीब आधे घंटे बाद शहर कोतवाल बाबूलाल मुनारिया मय जाब्ते मौके पर पहुंचे और लोगों से जाम खोलने की समझाइश की। इस दौरान एसडीएम व अतिरिक्त जिला कलक्टर भी मौके पर पहुंचें और समझाइश कर जाम खुलवाया गया।
आर्थिक सहायता की मांग
ग्रामीणों ने महिला के परिवार को आर्थिक सहायता व जिला चिकित्सालय में जगह-जगह फैली गंदगी की सफाई की भी मांग की है। वहीं मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में पर्ची कटवाने की व्यवस्था व परमानेंट डॉक्टर लगाने की मांग भी अतिरिक्त जिला कलक्टर से की है। ग्रामीणों ने बताया कि मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई में पर्ची काटने की व्यवस्था नहीं होने के कारण बार-बार परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं डॉक्टर नहीं होने के कारण नर्सों के भरोसे रहना पड़ता है। जिस पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमेंद्र नागर ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।
Updated on:
02 Nov 2018 05:18 pm
Published on:
02 Nov 2018 05:18 pm
