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बाईपास बन जाता तो प्रतापगढ़ में नहीं होते यह हालात

परीक्षार्थियों का बोझ नहीं सह पाया शहर, ठहरा यातायात24 केन्द्रों पर 7250 ने दी पीटीईटी परीक्षा-शहर में कुछ देर के लिए रही ट्रैफिक जाम-93.83 प्रतिशत विद्याथियों ने दी परीक्षा
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बाईपास बन जाता तो प्रतापगढ़ में नहीं होते यह हालात


प्रतागपढ़.
राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर की ओर से पीटीईटी एवं प्री बीएबीएड/ बीएससी बीएड परीक्षा रविवार को दोपहर 2 से 5 बजे तक जिले के 24 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित हुई। परीक्षा दोपहर के सत्र में हुई। परीक्षा छूटने के दौरान शहर में कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति रही। जिला मुख्यालय पर एक साथ सात हजार से अधिक परीक्षार्थियों के आने से शहर में कुछ देर के लिए अव्यवस्था सी फैल गई। इस दौरान एक बार फिर शहर में बाईपास की कमी अखरी। यदि शहर में बाईपास होता तो यह ट्रैफिक ड्राईवर्ट हो गया होता।
जिला समन्वयक डॉ. मोहल लाल मेघवाल ने बताया कि परीक्षा में जिले के कुल 7722 परीक्षार्थी थे जिसमें से 7250 विद्याथियों ने परीक्षा दी। इसमें 472 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिले में कुल 93.89 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा। साथ ही चार उडऩदस्तों का टीम ने सभी परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी की। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. इश्हाक मोहम्मद ने बताया कि सभी केन्द्रों पर शांति पूर्ण रूप से परीक्षा सम्पन्न हुई।

एक बार फिर अखरी बाईपास की कमी

पीटीईटी परीक्षा के दौरान रविवार को शहर में एक बार फिर बाईपास की कमी अखरी। दरअसल परीक्षा का समय दोपहर 2 से 5 बजे तक का था। शाम को परीक्षा छूटने के बाद सारे परीक्षार्थी गांधी चौराहे की ओर आ गए। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 113 पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। शहर के एमजी मार्ग पर करीब 1 घंटे तक जाम लगा रहा। जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को एक बार फिर बाईपास रोड की कमी अखरी। लोगों का कहना था कि यदि शहर से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 113 का बाईपास और कलक्ट्रेट से पुराने शहर को बांसवाड़ा रोड से जोडऩे वाला मिनी बाईपास बन जाता तो इस अतिरिक्त ट्रैफिक को शहर के दोनों और डाइवर्ट कर देते। इससे यातायाता जाम के हालत से बच सकते थे।