
ऐसे उपाय करें कि छूटने के बाद कैदी अपराध छोड़ मुख्यधारा में आ जाए
प्रतापगढ़. नव पदस्थापित जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्रकुमार शर्मा ने शनिवार को जिला कारागृह का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कैदियों के लिए ऐसे उपाय किए जाएं कि जब वे कारागृह से छूटे तो वापस अपराध से नहीं जुड़े और मुख्यधारा में शामिल हो जाए। जिला जज ने जिला कारागृह का आकस्मिक निरीक्षण कर कैदियों की सुनवाई की। जिला जज के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव विक्रम सांखला भी उपस्थित रहे।
जिला कारागृह प्रभारी पारसमल जांगिड़ ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कैदियों की समस्याओं को बारीकी से जानने के लिए उनसे लगभग 2 घंटे सीधी बात की। कैदियों ने भी बारी.बारी से अपनी समस्याएं सुनाई। कैदियों ने जिला जज को प्रमुख रुप से समस्याएं सुनाई कि प्रतापगढ़ के बाहर के कोर्ट के लिए चालानी गार्ड नहीं मिलना, जिला अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिलना, पानी की समस्या, नगर परिषद से मात्र एक टैंकर ही उपलब्ध होना, तुरंत फैसला नहीं मिलना व लंबी पेशियां होना, विधिक सहायता के रूप में वकील प्राप्त होना, सजा की अपील करना, समय पर पैरोल प्राप्त करना इत्यादि के बारे में बताया। जिला जज ने इन समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पाबंद करने का आश्वासन दिया।
जिला जज ने जेल डिस्पेंसरी का निरीक्षण करते हुए डॉ. हितेश जोशी को कैदियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने, कारागृह का वातावरण स्वास्थ्यवर्धक रखने तथा भोजन की गुणवत्ता जांचने रहने के निर्देश दिए। जिला औषधि भंडार से प्राप्त दवाइयों का स्टॉक इंद्राज करने तथा कैदियों को दवाइयों के वितरण का रिकॉर्ड रखने के लिए फार्मासिस्ट पूर्णराम को आदेश दिए।
क्यों हाउसिंग बोर्ड कॉलोनीवासियों ने जताया रोष...पढ़े यह खबर
जिला कारागृह में लैब टेक्नीशियन का पदस्थापन होने के बावजूद लेबोरेटरी की सुविधाएं नहीं होने पर जिला जज ने नाराजगी जाहिर की। सीएमएचओ को लिखने के लिए निर्देश दिए। मेडिकल स्टाफ को सुबह व शाम दोनों पारियों में कारागृह में रहते हुए कैदियों का इलाज करने की हिदायत दी।
जिला जज ने कारागृह में कैदियों के लिए चलाए जा रहे नवाचारों की समीक्षा की। कैदियों के लिए योग , प्राणायाम, विपस्सना जैसे कार्यक्रम नियमित चलाने के लिए कहा। कैदियों को प्रोजेक्टर पर नियमित समय अंतराल पर फिल्में दिखाई जाए। उत्तम पुस्तकों का वितरण कर कैदियों को स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया जाए। इस अवसर पर जिला जज शर्मा ने जिला साक्षरता अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई साक्षरता पुस्तकों के सेट कैदियों को वितरित किए। महिला कैदियों एवं उनके बच्चों पर विशेष ध्यान देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इससे पहले जिला जज को आरएसी के मुख्य आरक्षी भंवरलाल के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर कारागृह में मुख्य प्रहरी करणसिंह तथा अनिल कुमार, अल्पेश कुमार, लिपिक अली उपस्थित रहे।
Published on:
02 Jun 2018 08:55 pm
