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VIDEO: आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 113 पर लगाया जाम

ग्रामीणों की मांग 10-10 लाख रुपए दें सरकार
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pratapgarh

VIDEO: आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 113 पर लगाया जाम

पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
50-50 हजार रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष को बताया कम
मार्ग को वैकल्पिक तौर पर किया डायवर्ट
बिंदौली पर चढ़ा ट्रोला, नौ की दर्दनाक मौत
छोटीसादड़ी के समीप रामदेवजी में ट्राला चालक द्वारा बिंदोली को कुचलने का मामला
प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी थाना इलाके के एनएच 113 पर रामदेवजी गांव में सोमवार रात्रि को गाडिया लोहार समाज की दुल्हन की निकल रही बिंदोली पर अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में नौ लोगों की मौत हो गई। जबकि दूल्हन समेत 22 लोग घायल हो गए। इसे लेकर मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए की घोषणा की। लेकिन ग्रामीणों ने इसे काफी कम बताया और रामदेवजी में एनएच 113 पर जाम लगा दिया।इससे मार्ग अवरुद्ध हो गया।सूचना पर पुलिस उप अधीक्षक, उपखंड अधिकारी समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।लोगों को समझाइश की, लेकिन वे नहीं मान रहे। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने एनएच 113 पर वैकल्पिक मार्ग से वाहनों को निकाला जा रहा है।
घटना स्थल पर तहसीलदार गणेशलाल पांचाल, उपखंड अधिकारी प्रकाशचंद्र रैगर थाना अधिकारी व पुलिस जाब्ता प्रशासन मौके पर पहुंचा और वाहनों के निकालने के लिए बरखेड़ा गांव से होते हुए नीमच मार्ग से वाहन छोटी सादड़ी एनएच 113 पर पहुंचाने की व्यवस्था की है।
वहीं प्रतापगढ़ में भी मार्ग पर वाहनों को नीमच मार्ग से निकाले जा रहे है।
वहीं रामदेवजी हादसे में मृतकों के शव अभी भी मोर्चरी में रखे हुए हैं।
मृतकों की संख्या को लेकर गफलत
दुर्घटना में घायलों और मृतकों की संख्या को लेकर सुबह तक पुष्टि नहीं हो पाई। मौके पर ही नौ लोगों की मौत हो गई।जबकि छोटीसादड़ी चिकित्सालय से घायल 19 लोगों उदयपुर रैफर किया था। इस बीच उदयपुर चिकित्सालय में किसी अन्य जिले से दुर्घटना में चार लोगों के शव पहुंचे थे। इसे लेकर पुलिस अधीक्षक को सूचना दी के उदयपुर रैफर हुुए लोगों में से चार की मौत हो गई। इस पर एसपी ने भी मीडिया को यह जानकारी दी।उदयपुर अस्पताल में अन्य किसी सडक़ दुर्घटना आदि के मृतकों के मोर्चरी में पहुंचने से और शवों के क्षत-विक्षत होने से इनकी शिनाख्त में परेशानी आ रही थी। ऐसे में यह माना जा रहा था कि उदयपुर में भी चार मृतक प्रतापगढ़ हादसे के हैं। जबकि वह किसी अन्य हादसे के मृतक निकले।