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जयकारों के साथ विदा हुए विनायक

अनन्त चतुर्दशी पर जलाशयों में किया प्रतिमाओं का विसर्जनशहर समेत जिलेभर में रही धूम
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Pratapgarh

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प्रतापगढ़.
गणेशोत्सव के तहत १२ दिन तक चली धूम अनन्त चतुर्दशी पर रविवार को थम गई। शहर समेत जिले में गणेश प्रतिमाओं के जुलूस निकाले और जलाशयों में विसर्जन किया गया। इसे लेकर दिनभर गणेशजी के जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा। दीपेश्वर तालाब समेत जिले के जलाशयों पर मेले सा माहौल रहा। बारिश के कारण दोपहर बाद जुलूस शुरू हुए।गणेशजी के जयकारे लगाते हुए जुलूस शहर में निकाले गए। गणेशोत्सव आयोजन स्थल से गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं निकाली गईं। शहर में बैण्डबाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ विभिन्न मार्गों से होते हुए दीपेश्वर तालाब तक पहुंचें जहां प्रतिमाओं का सांकेतिक विसर्जन किया गया। इस दौरान कई लोग यहां पहुंचे।
दीपेश्वर तालाब में नहीं किया विसर्जन
पर्यावरणा चेतना मंच, सेवा भारती समिति की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपेश्वर तालाब को स्वच्छ एवं जल में रहने वाले जीवों की रक्षा के लिए प्रतिमाओं का केवल सांकेतिक विसर्जन किया गया। विसर्जन के लिए आने वाली प्रतिमाओं को सुरक्षित एक जगह एकत्रित कर बड़े तालाब या बांध में विधि विधान से विसर्जन किया जाएगा।
चूपना
गांव में संस्कृति संवर्धन मंडल की ओर से महावीर मंदिर के परिसर में चल रहे गणेश महोत्सव में कवि समेलन का आयोजन किया गया। जिसमें राधेश्याम धनगर मोहेडा, चंचल चौहान रतलाम, तेजपाल तेजा बडनगर, विनोद, कवयित्री निशा उज्जैनी ने कविताएं प्रस्तुत की।मंच का संचालन चंचल चौहान ने किया। शुरुआत निशा उज्जैनी ने मां शारदे की वंदना की। अनंत चौदस के दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन शिवना नदी में ढोल बाजे के साथ किया गया। जिसमें गांव में होते हुए टांडा गांव के पास शिवना नदी में विसर्जन किया।
पीपलखूंट
यहां अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन किया गया। इस दौरान इंद्र भगवान ने भी खूब स्वागत किया। गांव में गणेश प्रतिमाओं के जुलूस निकाले गए।
दलोट
कस्बे सहित क्षेत्र में चल रहे गणपति महोत्सव की समाप्ति पर धूमधाम से किया। कस्बे में रविवार को अनंत चौदस पर गणपति विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। विसर्जन से पूर्व गणेश की छोटी-बड़ी मूर्तियों का बाजारों में जुलूस निकाला गया। श्रद्धालु गणेश के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। आतिशबाजी एवं गुलाल उड़ाते हुए श्रद्धालुओं जयकारे लगाए। दलोट व रायपुर तालाब, निनोर नदी आदि जगह पर विसर्जन के लिए ले गए।
बरखेडी
गणेश उत्सव को लेकर ग्रामीण क्षेत्र मे गणेत्सव की धूम रही। युवा मंडल के द्वारा गणपति की प्रतिमा को शिवना नदी में विसर्जित की गई। गांव में शोभायात्रा निकाली गई। शिवना नदी पर पहुंची। भक्तों ने आरती कर विसर्जन किया गया।
बारावरदा
गणपति विसर्जन किया गया, इससे पहले शोभा यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों के साथ नाचते-गाते मुख्य मार्गो से गुजरते हुए बारावरदा तालाब पर पहुंचे। जहां प्रतिमा का विर्सजन किया गया।
खेरोट
खेरोट गांव में विभिन्न मंदिरों व चौराहो पर की गई स्थापित गणपति की मूर्ति का विसर्जन रविवार को ढोल बाजो के साथ किया गया। ओंकारेश्वर व्यायामशाला के तत्वाधान में गांव में अखाड़ा निकाला गया। धर्मेंद्र धनगर ने बताया कि युवकों ने कई करतब दिखाए ओर मल्लखंब पर भी कई प्रकार के हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया।
सालमगढ़
कस्बे में गणेश महोत्सव के अंतिम दिन आज अनंत चतुर्दशी पर गांव में सभी गणेश पंडालों के गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन बड़े ही धूमधाम से किया गया। सर्वप्रथम पंडालों में भगवान गणेश की आरती की गई उसके उपरांत पूरे नगर में बाजे गाजे ढोल के साथ नाचते गाते हुए गणेश की प्रतिमा को नगर में भगवान गणेश की झांकी निकाली। इसके बाद सरोवर पर ले जाकर गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया।
मोखमपुरा
गांव में गणपति वित्सर्जन के अवसर पर हनुमान मंदिर से तालाब तक भजनो पर झूमते हुए गांव से जुलुस निकला गया। मंदिर से तालाब पर गणपति के साथ पंहुचे। पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन किया गया।

छोटीसादड़ी
उपखण्ड के ग्रामीण व नगर क्षेत्र में अनंत चतुर्दशी पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने सौभाग्य की रक्षा, ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखा।
11 दिवसीय गणेश महोत्सव का समापन भी रविवार को गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ हुआ। इसके साथ ही गली मोहल्लों में डांडिया की खनक का दौर भी थम गया। घरों और शहर में जगह.जगह स्थापित गणपति मंडपों में छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अलग-अलग जलाशयों में किया गया।