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सोते पति की कुल्हाड़ी का वारकर की थी हत्या, युवती को उम्रकैद

पति करता था चरित्र पर शक
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pratapgarh

सोते पति की कुल्हाड़ी का वारकर की थी हत्या, युवती को उम्रकैद

पति करता था चरित्र पर शक

प्रतापगढ़. जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्रकुमार शर्मा ने सोते हुए पति की कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या करने वाली युवती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने बताया कि जिले के सुहागपुरा थाना क्षेत्र के धारियाखेड़ी गांव में 15 मई 2016 को भैरूलाल मीणा अपने घर में सो रहा था। रात को उसकी पत्नी दुर्गा ने कुल्हाड़ी से वारकर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। इसके बाद वह भाग गई। चीख सुनकर भैंरूलाल का पिता ऊंकारलाल मौके पर पहुंचा। वहां भैरूलाल लहूलुहान पड़ा था। मौके पर रक्तरंजित कुल्हाड़ी भी मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और भैंरू को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उस वक्त दुर्गा की उम्र साढे सत्रह वर्ष थी। इसलिए उसे उदयपुर बाल सम्प्रेषण गृह में भेजा गया। बाद में अभियुक्त दुर्गा की मानसिक व शारीरिक जांच की गई। किशोर न्याय बोर्ड ने नए कानून में संशोधन के तहत उसे बालिग की तरह माना और उसी तरह उसका ट्रायल करने का निर्णय किया। इस पर प्रकरण सेशन कोर्टमें आ गया। यहां सुनवाई में सामने आया कि दुर्गा का पति उसके चरित्र पर शक करता था। इसके साथ ही वह पारिवारिक कलह से भी काफी परेशान थी। न्यायालय में सुृनवाई के बाद महिला का दोष सिद्ध हुआ। न्यायालय ने अभियुक्त दुर्गा को बुधवार को आजीवन सजा सुनाई। उस पर अर्थदंड भी लगाया।
दया की पात्र नहीं
न्यायालय ने अभियुक्त दुर्गा को दोष सिद्ध माना और फैसले में लिखा कि यह किसी भी प्रकार से दया का पात्र नहीं रही। न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि अपने ही पति की सोती हुई अवस्था में पारिवारिक विवाद के चलते इस प्रकार की निर्मम हत्या किए जाने के मामले में दया बरतने से सामाजिक ताना बाना प्रभावित होगा।