
जिसकी मर्जी चढ़ जाता है टंकी पर
प्रशासन और जलदाय विभाग की ओर से नहीं दिया जा रहा ध्यान
प्रतापगढ़. आपको याद होगा फिल्म शौले में वीरू (धर्मेन्द)्र पानी की टंकी पर बसंती(हेमामालिनी ) से शादी की मांग करता है अन्यथा टंकी से कूद जाने की धमकी देता है। उसके टंकी से कूदने के डर से बसंती की मौसी लोगों के दबाव में राजी भी जाती है और वीरू की मांग पूरी हो जाती है। शायद तभी से लोग यूं पानी की टंकी पर चढकऱ अपनी मांग मनवाने लगे हैं। जिले में भी कई बार लोग पानी की टंकी पर चढकऱ कूद जाने की धमकी देते रहते हैं। अभी चंद दिन पहले भी अपनी मांगे पूरी करने के लिए कुछ युवा मिनी सचिवालय स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वहीं उससे पहले भी कई लोग इस प्रकार टंकी पर चढ़ चुके हैं। बावजूद इसके अब तक ऐसे लोगों को टंकी से चढऩे से रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे। जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
जा रहा है गलत संदेश
जिले में जब कभी कहीं भी लोग पानी की टंकी पर चढ़ते हैं तो पूरा प्रशासन और पुलिस सहित सभी सकते में आ जाते हैं। इन लोगों से समझाइश और मनुहार करनी पड़ती है। मांग चाहे जायज हो या गलत, उन्हें उचित कार्यवाही का आश्वासन देना पड़ता है। तब कहीं जाकर लोग टंकी से उतरते हैं। ऐसे में लोगों को टंकी पर चढकऱ अपनी आवाज बुलंद करना और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना अच्छा लगने लगा है और एक गलत संदेश लोगों में जा रहा है। जिसकी रोकथाम जरुरी है।
बच्चे भी चढ़ते रहते हैं
अपनी मांगों को लेकर लोगों के पानी की टंकियों पर चढऩे के साथ ही कई जगहों पर बच्चे तक खेलने के लिए इन टंकियों पर चढ़ते रहते हैं। पिछले दिनों छोटीसादड़ी में भी बच्चों के पानी की टंकी पर ऊपर तक चढ़ा होना सामने आया था। जिसे राजस्थान पत्रिका ने खबर के माध्यम से उठाया था। बावजूद इसके टंकियों पर चढऩे से रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं होना गंभीर लापरवाही बनकर सामने आ रहा है।
यह है नियम
नियमानुसार पानी की टंकियों को बनाते समय इन पर किसी को चढऩे से रोकने के लिए सीढिय़ों को जमीन से ना बनाकर 10 फीट ऊपर से बनाया जाता है। ताकि आमजन और बच्चे आदि इन टंकियों पर ना चढ़ सकें।
जिले में कुल 23 टंकियां
वर्तमान में जिले में पानी की कुल 23 टंकियां है। जिनमें से महज 6 नई बनी टंकियों में सुरक्षा के लिए सीढिय़ों को 10 फीट ऊपर बनाया गया है। बाकि सभी टंकियों में सीढिय़ा नीचे जमीन से ही शुरू हो रही है। जिन पर ना तो कोई गेट लगा हुआ है और ना ही उन पर चढऩे से रोकने के लिए कोई इंतजाम है।
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की जा रही है व्यवस्था
आमजन को पानी की टंकियों पर चढऩे से रोकने के लिए नई बनाई जा रही सभी टंकियों में 10 फीट ऊपर से सीढिय़ां बनाई जा रही है। पुरानी टंकियों पर लोगों को चढऩे से रोकने के लिए बात कर कुछ व्यवस्था कराई जाएगी।
शांतिलाल ओस्तवाल, अधीशाषी अभियंता, जलदाय विभाग, प्रतापगढ़
Published on:
11 Oct 2018 11:03 am
