
प्रतापगढ़ हादसे में जीवित बचे अमन श्रीवास्तव। PC: IANS
जब मेरी नींद खुली, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं मलबे के नीचे दबा हुआ हूँ। किसी तरह मैं बाहर निकला और देखा कि मेरे परिवार के सभी सदस्य फंसे हुए थे। मैंने पहले खुद उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सका, इसलिए मदद के लिए चिल्लाने लगा… हम सातों एक ही कमरे में सो रहे थे। मेरे माता-पिता, मेरा छोटा भाई, मेरी पत्नी और हमारे दो छोटे बच्चे अंदर थे। मुझे तो बचा लिया गया, लेकिन वे सभी मारे गए।"
यह दर्दनाक आपबीती इस हादसे में एकमात्र ज़िंदा बचे अमन श्रीवास्तव ने सुनाई। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन इलाके के महोली में भारी बारिश के दौरान लगभग 100 साल पुराना जर्जर घर अचानक गिर गया, जिससे एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई और एक अन्य (अमन) घायल हो गए।
घटना के समय घर के अंदर परिवार के सभी सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। तभी अचानक ऊपर की मंज़िल की छत गिर गई और सारा मलबा नीचे की मंज़िल पर आ गिरा, जिससे सोते हुए सभी लोग अंदर ही फंस गए और मलबे के नीचे दब गए।
हादसे की आवाज़ सुनकर पड़ोसी और अन्य लोग तुरंत घटनास्थल पर जमा हो गए। पड़ोसन पूनम श्रीवास्तव ने बताया, "पूरा परिवार सो रहा था, तभी अचानक छत गिर गई। ऊपर की मंज़िल का मलबा नीचे की मंज़िल पर गिरा, जिससे सोते हुए सभी लोग अंदर ही फंस गए। घर के अंदर परिवार के सात सदस्य थे। एक व्यक्ति को ज़िंदा बचा लिया गया, जबकि दो बच्चों समेत छह अन्य लोगों की मौत हो गई…"
CO सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि रात करीब 2 बजे कोतवाली पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि महोली इलाके में एक घर की छत गिर गई है, जिससे प्रमोद श्रीवास्तव और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य मलबे के नीचे दब गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं, मलबे को हटाया और सभी पीड़ितों को बाहर निकालकर ज़िला अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। मरने वालों में एक दंपत्ति (प्रमोद श्रीवास्तव और उनकी पत्नी), उनका बेटा, बहू और दो छोटे बच्चे शामिल हैं। वहीं घायल अमन श्रीवास्तव को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद ज़िला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे और एसपी दीपक भूकर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। तस्वीरों में महोली इलाके में गिरा हुआ लगभग 100 साल पुराना घर दिखाई दे रहा है, जहाँ इस त्रासदी के बाद पड़ोसी और स्थानीय लोग जमा हो गए।
Updated on:
06 Aug 2026 12:31 pm
Published on:
06 Aug 2026 12:31 pm
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