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कुंभ 2019 में करोड़ों के मेले से प्रशासन को धनवर्षा की भी उम्मीद

मेला प्रशासन विज्ञापन के जरिए कमाएगा करोड़ों, ई टेंडरिंग की तैयारी
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sangam nagri

kumbh 2019

प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में आगामी वर्ष में आयोजित होने वाले वाले कुंभ मेले को जिस तरह दुनियाभर में प्रचारित किया गया है, उसका फायदा सरकार को राजस्व के रूप में मिलने की उम्मीद है। उत्तरप्रदेश सरकार दुनियाभर में कुंभ मेले की ब्रांडिंग में लगी हुई है। सरकार को उम्मीद है कि इस बार तीर्थयात्रियों के आने के रिकॉर्ड टूटेंगे जिससे राजस्व भी जमकर आएगा। सरकार के लिए कुंभ कमाई का बड़ा जरिया बनने जा रहा है। मेले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का का कहना है कि आस्था के महासागर में धनवर्षा भी होगी।

कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं भक्तों और पर्यटकों के आने की संभावना है। ऐसे में देश ही नहीं बल्कि दुनिया की नामचीन कंपनियां संगम की रेती से अपना प्रचार-प्रसार करना चाहती हैं। मेला प्रशासन ने विज्ञापन नीति भी तय की है। मेला क्षेत्र से लेकर शहर तक कंपनियों की प्रचार सामग्री का अधिकार मेला प्रशासन के हाथों में दे दिया गया है। जल्द ही इसके लिए ई टेंडरिंग होगी, जिसमें करोड़ों रुपए की आमदनी की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा दुकानों के आवंटन आदि से भी सरकार को राजस्व मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने दिया हजारों करोड़ का बजट

प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को सरकार ने हजारों करोड़ रुपए का बजट दिया है। पहली बार ऐसा हो रहा है जब सरकार को आस्था की नगरी से इतने बड़े पैमाने से आमदनी की भी उम्मीद दिख रही है। मेला अधिकारी विजय किरण आनंद और जिला अधिकारी सुहास एल वाई समेत शहर सहित मेला के काम में लगे अन्य अफसरों ने कुंभ के जरिए राजस्व की कमाई के लिए भी व्यापक रणनीति पर काम किया है।

प्रधानमंत्री ने भी किया है दुनिया को आमंत्रित

मेले में लगाए के अफसरों की टीम रणनीत के साथ सरकार के आमदनी की भी व्यवस्था में लगी है। बता दें कि कुंभ मेले की ब्रांडिंग के लिए देश और दुनिया भर में टीमें भेजी गई हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को कुंभ में आने के लिए आमंत्रित किया है। मेले में तैनात एक अफसर की मानें तो सरकार को बड़े राजस्व की उम्मीद है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद सरकार को अब विज्ञापन के जरिए कमाई की आस दिख रही है। इसके लिए मेला अधिकारी और डीएम में नगर निगम के अफसरों के साथ मिलकर शहर में विज्ञापन के टेंडर निरस्त कर दिए हैं। अब शहर में लगे सारे होर्डिंग—बैनर हटा दिए जाएंगे। इसके बाद ई टेंडरिंग के जरिए जिस कंपनी को ठेका दिया जाएगा, उसके ही विज्ञापन शहर और मेला क्षेत्र में लगेंगे।

स्नान घाटों पर भी लगेंगे विज्ञापन

मेला प्रशासन की तैयारी है कि स्नान घाटों पर बनाए जाने वाले चेंजिंग रूम पर भी प्रचार के लिए अधिकार कंपनियों को बेचे जाएं। हालांकि इसके लिए बेहद कम स्थान दिया जाएगा। ऐसे में अफसरों को उम्मीद है कि कंपनियां केवल प्रचार के लिए मुफ्त में चेंजिंग रूम लगा सकती है। इस तरह 5000 मुफ्त चेंजिंग रूम बनवाए जाएंगे। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि विज्ञापन से अच्छे राजस्व की उम्मीद है। इसके लिए हर चीज पर विज्ञापन की अलग—अलग ई टेंडरिंग होगी। शहर में भी इसी टेंडर के अधीन होर्डिंग बैनर लगाए जा सकेंगे। जिलाधिकारी ने भी निर्देश दिया है कि इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।