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इलाहाबाद हाईकोर्ट: उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा मूल्यांकन में मानी गलती

दलील सुनने के बाद कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका निस्तारित कर दी कि याची सभी 74 सवालों के सही जवाब का अंक दिया जाए। इसके साथ ही चयनित को ज्वाइनिंग कराई जाती है तो वह आयोग द्वारा घोषित होने वाले पुनरीक्षित अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगा। मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने महेंद्र कुमार वर्मा की याचिका पर दिया है।
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प्रयागराज

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Sumit Yadav

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Updated: 17 Sep 2022, 6:50 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट: उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा मूल्यांकन में मानी गलती

इलाहाबाद हाईकोर्ट: उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा मूल्यांकन में मानी गलती

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट में उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज ने सहायक प्रोफेसर भर्ती में ओएमआर सीट के मूल्यांकन में हुई गलती स्वीकार की है। इस मामले में सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में शनिवार को हुई। मामले में आयोग की तरफ से अधिवक्ता गगन मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी है कि अर्थशास्त्र विषय ही नहीं, अन्य विषयों के मूल्यांकन में भी गलतियां पाई गई है। इसे अब पुनरीक्षित परिणाम घोषित करने से पहले परिणाम की गलतियों को दुरुस्त करेगा, जिसमें कुछ समय लगेगा।

दलील सुनने के बाद कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका निस्तारित कर दी कि याची सभी 74 सवालों के सही जवाब का अंक दिया जाए। इसके साथ ही चयनित को ज्वाइनिंग कराई जाती है तो वह आयोग द्वारा घोषित होने वाले पुनरीक्षित अंतिम परिणाम पर निर्भर करेगा। मामले में सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह ने महेंद्र कुमार वर्मा की याचिका पर दिया है।

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इसलिए हुआ चयन सूची से बाहर

मामले में याचिका पर अधिवक्ता प्रथमेश उपाध्याय ने बहस की। कोर्ट को बताया कि याची को 74 सही सवालों पर 155.79 अंक मिलने चाहिए थे, जबकि उसे 153.68 अंक ही दिए गए हैं, जिससे वह चयन सूची से बाहर हो गया है। आयोग के अधिवक्ता ने जानकारी के लिए समय मांगा था। दुबारा जब सुनवाई हुई तो कहा कि उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में गलती हुई है, जिसे आयोग सुधार कर अंतिम परिणाम घोषित करेगा।

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