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बमबाज गुड्डू मुस्लिम के बारे में बड़ा खुलासा, अशरफ की जुबान से क्यों निकला आखिर ये नाम

15 अप्रैल की रात अशरफ की जुबान से गुड्डू मुस्लिम के बारे में बात निकलते ही हत्यारों ने अतीक और उसे गोली क्यों मार दी। क्या इसका गुड्डू मुस्लिम से कोई संबंध है?

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प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ को रविवार रात सुपुर्द-ए-खाक किया गया। तीन हत्यारों ने 15 अप्रैल की रात ताबड़तोड़ फायरिंग कर अतीक और अशरफ की जान ले ली थी। इस फायरिंग से ठीक पहले अशरफ अपने गुर्गे गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ कहने की कोशिश कर रहा था। वो पूरी बात बता पाता, उससे पहले ही हत्यारों ने अशरफ और अतीक की जान ले ली।

गुड्डू मुस्लिम अतीक का वही गुर्गा है, जो उमेश पाल की हत्या के दौरान बमबाजी करता सीसीटीवी में कैद हुआ था। मीडिया रिपोर्टर्स के अनुसार गुड्डू मुस्लिम अतीक और अशरफ के आतंकी नेटवर्क को संभालता था। माफिया अतीक अहमद और अशरफ की मौत के बाद कई ऐसे राज हैं जिनका खुलासा नहीं हो सका। हालांकि माफिया अतीक का खास शूटर गुड्डू मुस्लिम उसके कई राज जानता है। गुड्डू को यह भी पता है कि पंजाब से किन तस्करों से अतीक हथियार मंगवाता था। पिछले साल भी वह पांच संदिग्धों के साथ में झांसी में ठहरा था। तमाम चीजों को लेकर पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है।

झांसी में रहने के बाद भी नहीं पता चला था नाम
गुड्डू मुस्लिम जांच एजेंसियों के लिए पहेली बनता जा रहा है। गुड्डू मुस्लिम 2022 में झांसी गया था। वो 5 और लोगों के साथ वहां कई दिन रुका था। यह सभी लोग तकरीबन एक सप्ताह तक सतीश पांडे उर्फ बबलू पांडेय के कमरे में रुके हुए थे। एक सप्ताह तक वहां रुकने के बावजूद सतीश के घर का केयरटेकर विनय उन सभी के नाम तक को नहीं जान सका। विनय ने बताया था कि जब वह खाना लेकर कमरे में जाता था तो सभी लोग बातचीत बंद कर देते थे। कमरे में रुकने के दौरान सभी लोग काफी सतर्कता बरतते थे। रात में एक साथी होटल के बाहर सोता था और चार लोग सुबह से लेकर रात तक झांसी के अलग-अलग इलाकों में मंडराते रहते थे। इस बीच कोई एक हमेशा कमरे में रहता था। वहीं अतीक भी पुलिस रिमांड के दौरान बार-बार गुड्डू मुस्लिम का नाम ले रहा था। गोली मारे जाने से पहले अशरफ भी गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ कहना चाह रहा था। अतीक को सबसे ज्यादा डर गुड्डू मुस्लिम के ही पकड़े जाने का था। उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस लगातार गुड्डू मुस्लिम की तलाश में जुटी हुई है। हालांकि पुलिस उसे पकड़ने में सफलता हासिल नहीं हुई।

अतीक के बारे में पुलिस ने कोर्ट में जो रिमांड नोट दिया था, उसमें लिखा था कि अतीक और अशरफ ने पूछताछ में माना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा से रिश्ते हैं। अब पुलिस को शक है कि गुड्डू मुस्लिम जिन लोगों के साथ झांसी में रुका था, वे आतंकी भी हो सकते हैं। ऐसे में अब पड़ताल के साथ ही गुड्डू की तलाश भी तेजी से की जा रही है।

झांसी के पास ही सेना की बबीना छावनी भी है। ऐसे में गुड्डू मुस्लिम की तरफ से अतीक के आतंकी गतिविधि को अंजाम तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी भी हो सकती है। ये भी पुलिस देख रही है कि अशरफ की जुबान से गुड्डू मुस्लिम के बारे में बात निकलते ही हत्यारों ने अतीक और उसे गोली क्यों मार दी। क्या इसका गुड्डू मुस्लिम से कोई संबंध है?