
डोमेस्टिक ब्रीड केयर (DBC) की चौंकाने वाली रिपोर्ट। फोटो सोर्स-Ai
UP News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की वजह से बाढ़ के हालात देखने को मिले। बारिश के कारण कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इस वजह से कई जगहों पर कूलर्स और AC का इस्तेमाल लोगों ने बंद कर दिया है। बंद पड़े कूलर को ज्यादातर लोग साफ कर के नहीं रखते हैं। ये ही गलती ज्यादातर लोग दोहराते हैं। इसी वजह से कूलर में पड़े पानी में मच्छर के पनपने की वजह से बीमारियों का खतरा बना रहता है। डोमेस्टिक ब्रीड केयर (DBC) की एक रिपोर्ट आपको चौंका सकती है।
DBC के निरीक्षणों में पाया गया है कि कूलरों में 40%, कंटेनरों में 23%, टायरों में 21%, फ्रिज ट्रे में 6%, पानी की टंकियों में 5% और पानी के गड्ढों और नालियों में 4% मच्छर पनपते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों और आसपास पानी जमा होने से रोकने की अपील की है। DBC टीमों ने पूरे जिले में लार्वा-रोधी उपाय शुरू कर दिए हैं।
प्रयागराज जिला मलेरिया अधिकारी (DMO) डॉ. ए. के. सिंह ने बताया, "1 से 29 अगस्त के बीच DBC टीमों की ओर से किए निरीक्षण के दौरान कुल 4,520 स्थानों पर लार्वा के स्रोत पाए गए। जिनमें 1,817 कूलर, 1,040 कंटेनर, 966 टायर, 269 फ्रिज ट्रे, 230 पानी की टंकियां और 161 नालियां या पानी के गड्ढे शामिल हैं।" उन्होंने कहा कि लोगों से ऐसे प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की अपील की जा रही है।
डॉ. ए. के. सिंह के मुताबिक, 10,000 से ज्यादा घरों की जांच की गई और कीटनाशकों का छिड़काव किया गया। बता दें कि शहर में अब तक डेंगू के 20 मामले सामने आ चुके हैं। ट्रांस-गंगा और ट्रांस-यमुना के ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहर के शहरी इलाकों में ज्यादा मामले सामने आए। 20 मामलों में से 6 मामले अगस्त में शहर से सामने आए।
डॉक्टर सिंह ने कहा, "स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शहर, ट्रांस-गंगा और ट्रांस-यमुना जिले के इलाकों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों के अंदर और आसपास के उन गड्ढों को भर दें जहां पानी जमा हो जाता है।''
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों के लिए शहर को तेलियारगंज, अल्लापुर, धूमनगंज, मुंडेरा, नैनी, झूंसी और फाफामऊ सहित ज़ोन में पहले ही विभाजित कर दिया है। DBC की कुल 58 टीमों को आवासीय और व्यावसायिक स्थानों में जल जमाव और मच्छरों के प्रजनन की जांच करने के लिए नियुक्त किया गया है। विभाग ने जिले भर में 10 मलेरिया निरीक्षकों, 20 स्प्रे कर्मचारियों और 8 पर्यवेक्षकों को भी ड्यूटी सौंपी है जो हॉटस्पॉट और इलाकों की जांच करेंगे।
DMO(जिला मलेरिया कार्यालय) के डेंगू सेल द्वारा दैनिक मामले का सत्यापन किया जाता है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक एंटी-लार्वा स्प्रे भी चिन्हित क्षेत्रों में शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो इस साल 1 जनवरी से 29 अगस्त के बीच शहर में कुल 20 डेंगू के मामले सामने आए। 2024 में जनवरी से अगस्त के बीच कुल 23 मामले सामने आए। इस बीच, सिंह ने कहा, "मच्छरों के प्रजनन के लिए जगह बनाने वाले सभी स्थानों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, और इसके लिए नगर निगम क्षेत्र विभिन्न वार्डों, खासकर उन इलाकों का सर्वेक्षण कर रहा है जहां पिछले साल डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आए थे।"
Published on:
03 Sept 2025 11:25 am
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