
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ममता के बयान को सनातन धर्म का अपमान करार दिया और कहा कि जो सनातन धर्म का झंडा गिराने की कोशिश करेगा, उसका अपना झंडा भी गिर जाएगा।
उन्होंने ममता की बुद्धि पर भी सवाल उठाया और कहा कि वह यह नहीं सोचते थे कि ममता बनर्जी इतनी नीच सोच रख सकती हैं। मीडिया से बातचीत में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि ममता बनर्जी ने "मृत्युकुंभ" कहकर एक बहुत बड़ी धार्मिक परंपरा का अपमान किया है। उन्होंने इसे महाकुंभ बताया और कहा कि इस तरह के कुंभ का आयोजन इतिहास में पहली बार हुआ है, जिसमें अब तक 55 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यह भी कहा कि इस कुंभ से विपक्षी पार्टियां बौखलाई हुई हैं और इसके बाद ममता के बयान को और भी गंभीर रूप से लिया जाना चाहिए। रामभद्राचार्य ने ममता को "कुंवारी बहन" कहकर संबोधित करते हुए उनके बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि ममता को इस तरह के बयान देने की कोई आवश्यकता नहीं थी और वह उन्हें निकृष्ट बुद्धि की मानते हैं।
इस घटना के बाद कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी की थी, जिसका रामभद्राचार्य ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शास्त्री उनके शिष्य हैं और उन्हें जो नहीं आता है, वह उन्हें सिखाएंगे।03:36 PM
Updated on:
20 Feb 2025 04:31 pm
Published on:
20 Feb 2025 04:12 pm
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
